विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता की मॉनिटरिंग में चल रहे एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत पिछले एक महीने से यहां के किसानों को बिना लाइन में लगे खाद मिल रही है। दरअसल किसानों को खाद वितरण में पारदर्शिता और सुविधा देने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा लागू की गई ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट विदिशा जिले में 6 अक्टूबर 2025 से शुरू किया गया था। इस व्यवस्था को गुरुवार को एक महीने पूरा हो गया, एक माह में व्यवस्थित रूप से 24 हजार मैट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका ।
जिले में अब तक 72 हजार 491 टोकन भूस्वामियों द्वारा जारी किए गए, जिनमें से 59 हजार 979 टोकनों पर उर्वरक वितरण किया जा चुका है। पिछले एक महीने में जिले में वितरित 11 हजार 657 मीट्रिक टन डीएपी में से 7 हजार 676 मीट्रिक टन, 15 हजार 363 मीट्रिक टन यूरिया में से 13 हजार 384 मीट्रिक टन, और 4831 मीट्रिक टन एनपीके में से 3167 मीट्रिक टन ई-टोकन प्रणाली से वितरित किए गए हैं। हालांकि यह व्यवस्था अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन किसानों ने इसे अपेक्षाकृत सहज और उपयोगी बताया है। कई किसानों ने कहा कि इससे लाइन में लगने की परेशानी और समय की बर्बादी कम हुई है। वर्तमान में जिले के 323 रिटेलर प्वाइंटों पर यह व्यवस्था संचालित हो रही है। प्रशासन का कहना है कि ई-टोकन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार फीडबैक लिया जा रहा है ताकि किसी भी किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े।