राजधानी रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र स्थित हीरापुर इलाके में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। सरकारी स्कूल के पास खेल रहे दो मासूम बच्चे सड़क किनारे बने एक पानी से भरे गड्ढे में गिर गए, जिससे डूबने से उनकी मौत हो गई। यह हादसा एक प्राइवेट बिल्डर की घोर लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है।
बिल्डर की लापरवाही बनी मौत का कारण
यह घटना हीरापुर इलाके में हुई, जहाँ एक प्राइवेट बिल्डर ने कुछ महीने पहले निर्माण कार्य के लिए एक बड़ा गड्ढा खुदवाया था। काम रुक जाने के बाद बिल्डर ने इस गड्ढे को खुला छोड़ दिया और भरा नहीं। हाल ही की बारिश के कारण यह गड्ढा एक खतरनाक जलकुंड में बदल गया था।
रविवार की शाम को दोनों बच्चे पास में खेल रहे थे और खेलते-खेलते अनजाने में इसी पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गए। गहराई अधिक होने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए और उनकी सांसें थम गईं। आसपास मौजूद लोगों ने जब बच्चों को देखा और उन्हें बाहर निकाला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुआवजे की मांग को लेकर रिंग रोड पर 3 किमी लंबा जाम
हादसे के बाद सोमवार को इलाके में तनाव बढ़ गया। दोनों बच्चों की मौत से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लापरवाह बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने हीरापुर-जरवाय रोड पर चक्काजाम कर दिया। गुस्साए लोगों का आरोप था कि यह खतरनाक गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था और कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इस चक्काजाम के कारण रिंग रोड नंबर-3 पर करीब तीन किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंची आमानाका और कबीर नगर पुलिस लोगों को शांत करने और समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास कर रही है।
प्रशासन ने दिए जाँच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। पुलिस ने फिलहाल दोनों मृत बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और बिल्डर की लापरवाही के संबंध में मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हीरापुर और आसपास के क्षेत्रों में इस दर्दनाक घटना के बाद मातम पसरा हुआ है, और मृत बच्चों के घरों में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।