MP में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों के नियम बदले, 2026 से 80% ही वेतन

मध्य प्रदेश के 7 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। वित्त विभाग ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा और 1978 के पुराने अवकाश नियम को समाप्त कर देगा।

संतान पालन अवकाश

नए नियमों में महिला कर्मचारियों की संतान पालन अवकाश (CCL) व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है। अब तक 730 दिन (2 वर्ष) का CCL पूर्ण वेतन (100%) के साथ दिया जाता था, लेकिन नए प्रावधानों के तहत अब पहले 365 दिन 100% वेतन मिलेगा, जबकि उसके बाद के अगले 365 दिन केवल 80% वेतन देने की व्यवस्था की गई है। यह 80% वेतन का नियम तब भी लागू होगा, भले ही कर्मचारी छुट्टी अलग-अलग हिस्सों में लें। इसके अतिरिक्त, नए नियमों में सरोगेसी से जन्मे बच्चे की देखभाल करने वाली महिला कर्मचारी और दत्तक संतान (1 साल की उम्र तक) पर भी CCL का लाभ देने का प्रावधान किया गया है।

अन्य महत्वपूर्ण बदलावों में, कर्मचारियों को हर वर्ष 30 दिन का अर्जित अवकाश (दो किस्तों में 15-15 दिन) मिलेगा, लेकिन किसी भी कर्मचारी को एक साथ 5 साल से अधिक का लगातार अवकाश मंजूर नहीं होगा। वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अवकाश मांगना कर्मचारी का “अधिकार” नहीं माना जाएगा, यानी अंतिम निर्णय स्वीकृत देने वाले अधिकारी का होगा। चिकित्सा अवकाश के नियम भी सख्त किए गए हैं, जहाँ मेडिकल सर्टिफिकेट अब अवकाश की गारंटी नहीं रहेगा और निर्णय स्वीकृति प्राधिकारी के आदेश पर निर्भर करेगा। हालांकि, पूरे सेवाकाल में 180 दिन का अर्द्धवेतन अवकाश बिना मेडिकल सर्टिफिकेट भी मिल सकेगा। कर्मचारियों को अध्ययन के लिए भी अधिकतम 24 महीने की स्टडी लीव की सुविधा मिलेगी, जिसके खर्च कर्मचारी को स्वयं वहन करने होंगे और उन्हें नौकरी पर लौटने के लिए बॉन्ड भरना अनिवार्य होगा।