इस साल की आखिरी पूर्णिमा का चांद आज शाम आसमान में बेहद खास दिखाई देगा। वैज्ञानिकों ने इसे कोल्ड सुपरमून का नाम दिया है। विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि, आज चांद पृथ्वी के बेहद करीब होगा और इसकी दूरी लगभग 3 लाख 57 हजार 218 किलोमीटर रहेगी। इसी कारण यह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में ज्यादा बड़ा और चमकीला दिखाई देगा।
उन्होंने कहा कि चांद निकलने के दौरान मून इल्यूजन के कारण यह और भी बड़ा नजर आएगा। धीरे-धीरे पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए यह शुक्रवार तड़के 4 बजकर 44 मिनट पर पृथ्वी के सबसे नजदीकी बिंदु पेरिजी पर पहुंच जाएगा। इसे नंगी आंखों से आसानी से देखा जा सकता है और किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी।
सारिका ने बताया की शहर की रोशनी से दूर जाकर देखने पर चांद की चमक और खूबसूरती को अधिक महसूस किया जा सकेगा। जब पूर्णिमा का चांद पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है, तो उसे सुपरमून कहा जाता है। ऐसे में चांद सामान्य दिनों के मुकाबले 14 परसेंट बड़ा और 30 परसेंट ज्यादा चमकीला नजर आ सकता है। उन्होंने कहा, “इस साल को विदा देने वाले इस आखिरी सुपरमून को देखने का मौका न चूकें। शाम से रात भर के बीच आसमान की ओर नजर जरूर उठाइए।”