हरियाणा के रोहतक जिले में स्थित मायना गांव के निवासी राजनारायण पंघाल ने अपने बेटे की शिक्षा और भविष्य को बचाने के लिए एक अनुकरणीय कदम उठाया। इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट अचानक रद्द हो जाने से परिवार संकट में पड़ गया, लेकिन पिता ने रात भर कार चलाकर करीब 800 किलोमीटर की दूरी तय की, ताकि बेटा समय पर इंदौर पहुंच सके।
जब इंडिगो की कई उड़ानें रद्द होने से देशभर में यात्रियों को परेशानी हुई। इसी का असर पंघाल परिवार पर भी पड़ा। राजनारायण पंघाल, जो पेशे से वकील और खेल प्रेरक हैं, अपने बेटे आशीष चौधरी पंघाल को दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ने गए थे। आशीष इंदौर के प्रसिद्ध डेली कॉलेज में कक्षा 12वीं के छात्र हैं और एक प्रतिभाशाली युवा निशानेबाज भी हैं।
आशीष छुट्टियां बिताने घर आए थे। 6 दिसंबर को कॉलेज में एक सम्मान समारोह था, जिसमें उन्हें पुरस्कृत किया जाना था, और 8 दिसंबर से उनकी प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं। इन दोनों महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के लिए दिल्ली से इंदौर की फ्लाइट पहले से बुक थी। लेकिन एयरपोर्ट पहुंचते ही पता चला कि फ्लाइट रद्द कर दी गई है। इससे आशीष न केवल समारोह से चूक सकते थे, बल्कि परीक्षा भी प्रभावित हो सकती थी।
परिवार ने ट्रेन में तत्काल टिकट की कोशिश की, लेकिन इंदौर के लिए सीट उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में राजनारायण ने तुरंत फैसला लिया कि वे खुद कार से बेटे को इंदौर ले जाएंगे। दिल्ली से इंदौर की दूरी लगभग 800 किलोमीटर है, जिसे पूरा करने में सामान्यतः 12-14 घंटे लगते हैं। उन्होंने शाम को ही गाड़ी शुरू की और पूरी रात ड्राइविंग करते रहे। थकान और चुनौतियों के बावजूद उनका संकल्प अटल रहा।
अगली सुबह वे समय पर इंदौर पहुंच गए। राजनारायण ने बताया, “फ्लाइट रद्द होने की सूचना से हम काफी व्यथित हुए थे। बच्चे की परीक्षा उसके करियर से जुड़ी है, मैंने सोचा कि रात भर गाड़ी चलानी पड़े तो चलाऊंगा, लेकिन बेटे को निर्धारित समय पर पहुंचाना जरूरी है। अंततः हम सफल रहे और यह सबसे बड़ी राहत की बात है।”