भोपाल लोक अदालत में रिकॉर्ड: बीमा क्लेम का ₹1.79 करोड़ का सबसे बड़ा सेटलमेंट दर्ज

जिला उपभोक्ता प्रतितोषण आयोग भोपाल (क-1) में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में बीमा क्षेत्र से जुड़ा मध्य प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा सेटलमेंट सामने आया है। एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और परिवादी पक्ष के बीच कुल ₹1 करोड़ 79 लाख 20 हजार का फुल एंड फाइनल समझौता हुआ। आयोग ने आदेश दिया है कि यह रिकॉर्ड राशि पांच दिन के भीतर नॉमिनी प्रदीप कुमार के खाते में जमा कराई जाए।

यह मामला स्वर्गीय राजेश कुमार द्वारा ली गई एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की तीन पॉलिसियों से संबंधित था, जिनकी कुल बीमित राशि लगभग ₹2 करोड़ 23 लाख थी। राजेश कुमार की मृत्यु के बाद, नॉमिनी प्रदीप कुमार ने बीमा दावा प्रस्तुत किया था, लेकिन कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया था कि पॉलिसी लेते समय बीमारी की जानकारी छुपाई गई थी। इसके उपरांत तीनों पॉलिसियों के लिए अलग-अलग शिकायतें जिला उपभोक्ता आयोग में दायर की गईं।

लोक अदालत में प्रकरण की सुनवाई के दौरान परिवादी की ओर से अधिवक्ता मोहन चौकसे और पंकज दनके उपस्थित रहे। सुनवाई में बीमा कंपनी की ओर से समझौते का प्रस्ताव सामने आया। लंबी कानूनी प्रक्रिया और संभावित देरी से बचने के लिए, परिवादी पक्ष ने लोक अदालत के माध्यम से ₹1.79 करोड़ के इस सेटलमेंट को आपसी सहमति से स्वीकार कर लिया। उभयपक्षों की ओर से हस्ताक्षरित राजीनामा आवेदन प्रस्तुत किया गया। आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल और सदस्य डॉ. प्रतिभा पाण्डेय ने इस समझौते को स्वेच्छापूर्ण मानते हुए तीनों प्रकरणों को समाप्त करने के आदेश दिए।

परिवादी पक्ष के अधिवक्ता मोहन चौकसे और पंकज दनके ने बताया कि उनके 34 वर्षों के वकालती करियर में नेशनल लोक अदालत के जरिए बीमा क्लेम का इतना बड़ा सेटलमेंट पहली बार हुआ है। उनके अनुसार, यह मामला मध्य प्रदेश में लोक अदालत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बीमा सेटलमेंट माना जा सकता है। यह समझौता दिखाता है कि लोक अदालतें उपभोक्ताओं को कानूनी लड़ाई से हटकर त्वरित और प्रभावी समाधान प्रदान करने में कितनी सफल हैं।