कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में हैदराबाद में विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर लियोनेल मेसी से मुलाकात की। इस दौरान मेसी ने उन्हें अपनी साइन की हुई जर्सी उपहार में दी। इसके बाद राहुल गांधी ने चुनावी मुद्दों पर फिर से सक्रियता दिखाई है।
कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का कड़ा विरोध कर रही है, जिसे वह मतदाता सूची में अनियमितताओं और कथित वोट हेरफेर का माध्यम मानती है। राहुल गांधी ने कई मौकों पर मीडिया से बातचीत में वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने तेजस्वी यादव के साथ मिलकर मतदाता अधिकार यात्रा भी आयोजित की थी, लेकिन इसके चुनावी नतीजों पर कोई बड़ा असर नहीं दिखा।
अब पार्टी इसी मुद्दे पर दिल्ली के रामलीला मैदान में 14 दिसंबर को एक बड़ी रैली का आयोजन कर रही है। यह रैली मुख्य रूप से कांग्रेस का अपना कार्यक्रम है और इंडिया गठबंधन के अन्य दलों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि कांग्रेस इस अभियान का पूरा राजनीतिक लाभ खुद उठाना चाहती है। रैली का मुख्य नारा ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ होगा।
रैली से पहले कांग्रेस के संगठन महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए तटस्थ अंपायर की कमी साफ महसूस हो रही है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। वेणुगोपाल ने जोर दिया कि पार्टी लंबे समय से चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाती रही है। उन्होंने राहुल गांधी की तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए दावा किया कि इनमें चुनावों में हुई कथित अनियमितताओं को बेनकाब किया गया था।
उनके मुताबिक, मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़े जाना, डुप्लीकेट एंट्री और अन्य खामियां सामने आ रही हैं। पार्टी ने वोट चोरी के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया है, जिसमें अब तक पांच करोड़ से ज्यादा लोगों के हस्ताक्षर جمع हो चुके हैं। कार्यकर्ता जनता को इस बारे में जागरूक कर रहे हैं। वेणुगोपाल ने साफ किया कि यह सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों से जुड़ा मूलभूत सवाल है। पार्टी इन हस्ताक्षरों को राष्ट्रपति को सौंपने की योजना बना रही है और इसके लिए समय भी मांगा गया है।
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस की शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, बल्कि उन्हें अनदेखा कर पार्टी की आलोचना की जा रही है, जिससे आयोग का सत्ताधारी दल के प्रति पक्षपात साफ झलकता है। उन्होंने ईवीएम से जुड़ी शिकायतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर की रैली पार्टी का आंतरिक आयोजन है, लेकिन इसमें लाखों लोगों की मौजूदगी की उम्मीद है।
कांग्रेस ने संसद के शीतकालीन सत्र में भी वोट चोरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। राहुल गांधी ने न सिर्फ आलोचना की, बल्कि सुधारों के लिए ठोस प्रस्ताव दिए, जैसे सभी दलों को मतदाता सूची की मशीन रीडेबल प्रति उपलब्ध कराना, सीसीटीवी फुटेज को 45 दिन बाद नष्ट करने की नीति बदलना और ईवीएम की जांच की बेहतर व्यवस्था करना।