औद्योगिक नगरी कोरबा में स्थित व्यावसायिक परिसर SS प्लाजा सोमवार सुबह आग की लपटों से घिर गया। सुबह करीब 6 बजे लगी इस भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में बालाजी स्टील, पद्मिनी ज्वेलर्स और बालाजी क्लॉथ भंडार समेत कई प्रतिष्ठित दुकानें जलकर खाक हो गई हैं।
5 घंटे का तांडव: 14 दमकल गाड़ियां भी पड़ीं कम
कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित इस प्लाजा में लगी आग इतनी भयावह थी कि उस पर काबू पाने में प्रशासन को 5 घंटे से अधिक का समय लग गया। धुएं के गुबार के कारण राहत कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर एक के बाद एक 14 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने श्याम प्लाजा के आसपास की 50 से 70 दुकानों को तत्काल बंद करा दिया ताकि आग को फैलने से रोका जा सके।
आक्रोश: “समय पर नहीं पहुंची दमकल”
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय सांसद ज्योत्सना महंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राहत कार्य की धीमी गति और संसाधनों की कमी पर गहरा रोष व्यक्त किया। सांसद ने कहा:
“कोरबा एक बड़ी उद्योग नगरी है, लेकिन यहां दमकल विभाग की व्यवस्थाएं बेहद लचर हैं। सूचना के बाद भी दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचीं और जो पहुंचीं उनमें से भी कुछ खराब निकलीं। यह एक गंभीर लापरवाही है, जिस पर मैं वरिष्ठ अधिकारियों से बात करूंगी।”
आर्थिक तबाही, लेकिन टला जानी नुकसान
प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट-सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, किसी भी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन व्यापारियों को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। आग लगने के बाद कई दुकानदार अपनी दुकानों से सामान बाहर निकालने की जद्दोजहद करते दिखे, ताकि कुछ हिस्सा बचाया जा सके।
फिलहाल आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन ‘कूलिंग’ की प्रक्रिया अभी भी जारी है ताकि मलबे के भीतर दबी आग दोबारा न भड़क उठे। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच की जा रही है।