इंदौर की गंदगी पर उमा भारती का वार, दोषियों को सख्त सजा की मांग

लगातार कई वर्षों से देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाले इंदौर में गंदगी, दूषित पानी और उससे जुड़ी मौतों की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने कड़ा आक्रोश जताया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के तमगों के पीछे छिपी यह हकीकत बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है।

उमा भारती ने कहा कि इंदौर जैसे शहर, जिसे आदर्श स्वच्छता मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाता रहा है, वहाँ लोगों की जान जाना प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी इस व्यवस्था की विफलता के जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए और अधिकतम दंड मिलना चाहिए।”

उन्होंने सवाल उठाया कि जब नगर को स्वच्छता में अव्वल बताया जाता है, तो फिर नलों के पानी में गंदगी कैसे पहुंची और समय रहते रोकथाम क्यों नहीं की गई। उमा भारती के अनुसार यह केवल एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर की असली स्वच्छता उसके पुरस्कारों से नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से तय होती है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मृतकों के परिजनों को केवल मुआवजे की घोषणा करके सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच हो तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार जनता का भरोसा तभी बहाल होगा जब जिम्मेदारी तय होगी और सजा नजर आएगी।

इस घटना के बाद इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोग भी नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं और साफ पानी, बेहतर निगरानी तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक हलकों में भी यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।