अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 3 जनवरी 2026 को सुबह एक चौंकाने वाली घोषणा की कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि इस ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को पकड़ लिया गया है और उन्हें देश से बाहर उड़ा लिया गया है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया सफल अभियान बताया और कहा कि अधिक विवरण मार-ए-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए जाएंगे।
यह कार्रवाई वेनेजुएला की राजधानी काराकास में तड़के शुरू हुई, जहां कम से कम सात जोरदार धमाके हुए और कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की आवाजें सुनाई दीं। धुएं के गुबार ला कार्लोटा एयरबेस और फुएर्ते तिउना सैन्य अड्डे जैसे प्रमुख ठिकानों से उठते देखे गए। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन में एलीट डेल्टा फोर्स यूनिट शामिल थी, जो पहले भी बड़े अभियानों में सक्रिय रही है।
ट्रंप प्रशासन लंबे समय से मादुरो पर नार्को-टेररिज्म के आरोप लगा रहा था और महीनों से दबाव बढ़ा रहा था, जिसमें ड्रग तस्करी से जुड़े जहाजों पर हमले और तेल टैंकरों की नाकाबंदी शामिल थी। इस हमले को अमेरिका ने मादुरो की कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ जरूरी कदम बताया।
दूसरी ओर, वेनेजुएला सरकार ने इसे ‘साम्राज्यवादी आक्रमण’ करार देते हुए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैद्रिनो लोपेज ने विदेशी सैनिकों का प्रतिरोध करने की बात कही, जबकि उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो दंपति के ठिकाने की जानकारी और ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ की मांग की। सरकार ने लोगों से सड़कों पर उतरकर विरोध करने की अपील की।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना की कड़ी निंदा हो रही है। कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, जबकि अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने मादुरो की गिरफ्तारी का स्वागत किया। संयुक्त राष्ट्र में तत्काल बैठक की मांग उठ रही है। वेनेजुएला में अराजकता का माहौल है और आगे की स्थिति पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।