मणिकर्णिका विवाद पर CM योगी का पलटवार; बोले- “विरासत सुरक्षित, काशी को बदनाम करने की हो रही साजिश”

मणिकर्णिका घाट के पुनरुद्धार और रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को लेकर उपजे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोधियों को कड़ा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ लोग निजी हितों के कारण काशी के कायाकल्प में ‘बैरियर’ बनने का प्रयास कर रहे हैं और विकास कार्यों को लेकर भ्रामक खबरें फैला रहे हैं।

विरासत के अपमान का आरोप निराधार: मुख्यमंत्री

रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को क्षति पहुँचाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि काशी की अस्मिता और महापुरुषों की विरासत के साथ कोई खिलवाड़ नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, “काशी को बदनाम करने की अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक साजिश रची गई। जो लोग विकास विरोधी हैं, वे ही इस तरह के झूठे नैरेटिव गढ़ रहे हैं। आज मुझे खुद धरातल पर आकर सच्चाई स्पष्ट करनी पड़ी है।”

2014 के पहले की बदहाली और आज का बदलाव

विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री ने 2014 से पहले के हालात की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पहले गंगा जल आचमन तो दूर, स्नान के योग्य भी नहीं बचा था और घाटों की स्थिति जर्जर थी। पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी ने अपनी आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित किया है। आज काशी न केवल अपनी विरासत को संजो रही है, बल्कि विकास की नई ऊंचाइयों को भी छू रही है।

काशी के विकास को रोकने की कोशिशें होंगी नाकाम

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि काशी अविनाशी है और इसकी प्रगति को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने आश्वासन दिया कि मणिकर्णिका घाट का सुंदरीकरण और विस्तार श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। सीएम ने प्रशासन को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी प्रकार के भ्रम को तुरंत दूर किया जाए।