प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व रेडियो दिवस पर दी बधाई, कहा- रेडियो है समाज की विश्वसनीय आवाज

विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने रेडियो को एक विश्वसनीय और सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर व्यस्त शहरों तक लोगों को एक-दूसरे से जोड़ता है तथा समाज में संवाद की मजबूत कड़ी का काम करता है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह दिवस ऐसे संचार माध्यम का उत्सव है, जो वर्षों से समय पर सूचनाएं पहुंचाता रहा है, प्रतिभाओं को निखारता आया है और रचनात्मकता को प्रोत्साहन देता रहा है। उन्होंने रेडियो से जुड़े सभी लोगों के योगदान को सलाम किया और इस दिन को उनके प्रयासों की पहचान का अवसर करार दिया।

पीएम मोदी ने अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम नागरिकों के साथ सीधे संवाद का अनोखा माध्यम बन चुका है। उन्होंने अनुभव साझा किया कि ‘मन की बात’ के जरिए उन्होंने रेडियो की उस शक्ति को महसूस किया है, जो समाज की सामूहिक ताकत को उजागर करती है। इस बार का ‘मन की बात’ कार्यक्रम 22 फरवरी को प्रसारित होगा, जिसके लिए उन्होंने श्रोताओं से सुझाव आमंत्रित किए हैं।

तकनीकी और डिजिटल युग में बदलाव के बावजूद रेडियो ने खुद को प्रासंगिक बनाए रखा है और इंटरैक्टिव तरीके से श्रोताओं से जुड़ने का मौका प्रदान कर रहा है।

भारत में रेडियो की व्यापक पहुंच और भाषाई विविधता

भारत में ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) देश के प्रमुख सार्वजनिक प्रसारकों में शामिल है। इसके लगभग 400 से अधिक स्टेशन हैं, जो देश के करीब 92 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र और 99.19 प्रतिशत आबादी तक पहुंच रखते हैं। यह 23 भाषाओं और 146 बोलियों में कार्यक्रम प्रसारित करता है, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और भाषाई विविधता को उजागर करता है।

रेडियो आज भी सस्ता और प्रभावी संचार साधन बना हुआ है, खासकर ग्रामीण इलाकों, निरक्षर, दिव्यांगजन, महिलाओं, युवाओं तथा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों तक जानकारी, शिक्षा और जागरूकता पहुंचाने में। यह माध्यम विशेष रूप से उन समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां अन्य तकनीकी संसाधनों की पहुंच सीमित है।