मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच जारी लफ्फाजी जंग ने कीमती धातुओं के बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है। मंगलवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक स्तर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंकाओं तथा ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर संभावित हमलों की खबरों से बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। एमसीएक्स पर अप्रैल अनुबंध सोना पिछले बंद भाव से 2,315 रुपये की भारी गिरावट के साथ 1,36,945 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसी तरह, मई अनुबंध चांदी 9,569 रुपये टूटकर 2,15,765 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
दिल्ली के स्थानीय बाजार में भी कीमतों पर दबाव रहा। यहां 24 कैरेट सोना 14,050 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 12,880 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट 10,541 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें लगभग 4,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष कर रही हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की उछलती कीमतें निवेशकों को सतर्क बना रही हैं। सोमवार को जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत की संभावना जताई थी, तब कीमतों में थोड़ी रिकवरी दिखी थी, लेकिन अब फिर से भू-राजनीतिक दबाव हावी हो गया है।
बताया जा रहा है कि मार्च महीने में सोना अपने हाल के उच्चतम स्तर से करीब 25 प्रतिशत नीचे आ चुका है। ऊर्जा कीमतों में वृद्धि और संभावित ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेतों ने भी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की अपील को प्रभावित किया है।