विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा में ढहा

गंगा नदी पर बने 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर लंबा हिस्सा देर रात अचानक ढह गया। जिला प्रशासन की सतर्कता से ट्रैफिक पहले ही रोक दिया गया था, जिस कारण किसी बड़े हादसे या जनहानि को टाला जा सका।

इस घटना से सीमांचल सहित बिहार के करीब 16 जिलों की सड़क संपर्क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, रोजाना लगभग एक लाख लोगों का आवागमन इस पुल पर निर्भर था, जिससे अब लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यूपी ब्रिज कॉर्पोरेशन द्वारा बनाए गए इस पुल की पिछले 10 वर्षों में तीन बार मरम्मत की जा चुकी थी। हाल ही में इसकी अंतिम मरम्मत पूरी की गई थी। पुल के धंसने की घटना को लापरवाही मानते हुए पथ निर्माण विभाग ने संबंधित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को तुरंत निलंबित कर दिया है।

बिहार राज्य पुल निगम लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर ने भागलपुर पुलिस और जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना टल गई। डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि पुल के रखरखाव के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पहले ही भेज दी गई थी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस गंभीर घटना पर संज्ञान लेते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की और पुल की मरम्मत कार्य में भारतीय सेना की सहायता मांगी है। साथ ही, लोगों की परेशानी को कम करने के लिए वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्थाएं भी तेजी से की जा रही हैं।