कृषि जमीन पर 250 फीट तक अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये का पत्थर निकाल लिया गया। इस दौरान खनिज विभाग पर लापरवाही के आरोप लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले कृषि भूमि पर अवैध खनन किया गया। अब उसी जमीन पर माइनिंग परमिशन लेने का खेल चल रहा है। इतने गहरे गड्ढे होने के बाद भी विभाग ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही मौके का निरीक्षण किया।
मौके पर करीब 250 फीट गहरे गड्ढे देखे गए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इतना गहरा खनन पर्यावरण और भूजल स्तर के लिए खतरनाक है। इससे आसपास के खेतों की मिट्टी और पानी पर असर पड़ सकता है।
अवैध खनन से सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। बिना रॉयल्टी चुकाए बड़े पैमाने पर पत्थर निकाला गया है।
मामला उजागर होने के बाद प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खनन संभव नहीं है। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों और खनन माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल खनिज विभाग के अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं। जिला प्रशासन ने भी रिपोर्ट तलब की है। लोगों की नजर इस बात पर है कि विभाग निष्पक्ष जांच करता है या फिर मामले में लीपापोती होती है। अवैध खनन के वीडियो भी सामने आए हैं।