वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते बुधवार को भारतीय शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुला। कारोबार के शुरुआती घंटों में निवेशकों की सतर्कता के कारण प्रमुख सूचकांकों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 800 अंक से अधिक फिसलकर 73,857 के आसपास पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,300 के स्तर से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा वैश्विक अनिश्चितताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
बाजार में सबसे अधिक दबाव आईटी क्षेत्र पर देखने को मिला। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई। इसके अलावा रियल्टी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली का रुख बना रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। व्यापक बाजार में निवेशकों की सतर्कता के चलते दोनों वर्गों के सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि धातु क्षेत्र से जुड़े कुछ शेयरों में सीमित मजबूती देखने को मिली।
घरेलू निवेशकों की निगाहें भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक पर भी टिकी हुई हैं, जो आज से शुरू हुई है। ब्याज दरों और नीतिगत फैसलों को लेकर बाजार में उत्सुकता बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हालिया बयानों और क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी घटनाक्रमों के चलते पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है।
हालांकि एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का प्रमुख शेयर सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई बाजार में भी सकारात्मक कारोबार दर्ज किया गया। दक्षिण कोरिया का बाजार अपेक्षाकृत स्थिर रहा।