ब्रिटेन में कथित ग्रूमिंग गैंग और बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। संसद में हुई चर्चा के दौरान सांसद रूपर्ट लोव ने कई पीड़िताओं की गवाहियों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वर्षों तक संगठित आपराधिक गिरोहों द्वारा नाबालिग लड़कियों का शोषण किया जाता रहा और इस दौरान संबंधित संस्थाओं की ओर से गंभीर चूकें भी सामने आईं।
संसद में अपने संबोधन के दौरान लोव ने कहा कि स्वतंत्र जांच के दौरान सामने आईं कई गवाहियां बेहद संवेदनशील और चिंताजनक थीं। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से पीड़ितों को न्याय दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
जांच और पूर्व रिपोर्टों के अनुसार, देश के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय कुछ संगठित समूहों पर कम उम्र की लड़कियों को निशाना बनाने के आरोप लगाए गए हैं। संसद में प्रस्तुत गवाहियों में यौन शोषण, धमकी, जबरन नियंत्रण और प्रशासनिक स्तर पर कथित लापरवाही जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया।
कुछ पीड़िताओं ने अपनी गवाही में बताया कि किशोरावस्था के दौरान उन्हें लंबे समय तक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। वहीं, अन्य बयानों में आरोप लगाया गया कि कई मामलों में शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे पीड़ितों की स्थिति और अधिक कठिन हो गई।
रूपर्ट लोव के नेतृत्व में वर्ष 2025 में हुई एक निजी जांच में ब्रिटेन के कई क्षेत्रों में इस प्रकार के संगठित शोषण से जुड़े मामलों की पहचान किए जाने का दावा किया गया था। जांच में ऐसे मामलों के संचालन के तरीके और संस्थागत प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग से जुड़े मामलों पर सार्वजनिक चर्चा कोई नई बात नहीं है। पिछले दो दशकों में देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आए कई मामलों ने बाल संरक्षण व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और सामाजिक संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस को जन्म दिया है।
मामले को लेकर अब एक बार फिर पीड़ितों को न्याय दिलाने, जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।