दिल्ली में विपक्षी पोस्टरबाजी: राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल, INDIA गठबंधन में बढ़ी बेचैनी

INDIA गठबंधन की प्रस्तावित बैठक से ठीक पहले राजधानी में लगाए गए पोस्टरों ने विपक्षी दलों के अंदरूनी मतभेदों को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है। इन पोस्टरों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता को लेकर विभिन्न विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं के पुराने बयानों को प्रमुखता दी गई है।

पोस्टरों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन के उन टिप्पणियों को जगह दी गई है, जिनमें उन्होंने राहुल गांधी या कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे।

शरद पवार के एक पुराने बयान में राहुल गांधी में निरंतरता की कमी बताई गई थी, जबकि पिनराई विजयन ने राहुल की राजनीतिक समझ पर संदेह जताया था। केजरीवाल के चुनावी भाषणों के अंश भी शामिल किए गए हैं, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ वोट करने की अपील की थी। ममता बनर्जी की कांग्रेस की विश्वसनीयता को लेकर की गई टिप्पणी और स्टालिन का वह बयान भी पोस्टरों में है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तुलना उसी नाव में छेद करने वालों से की थी जिसमें वे खुद सवार हैं।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह पोस्टरबाजी उस समय हुई है जब विपक्षी दल आगामी चुनावी रणनीति और एकजुटता दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। खासतौर पर आम आदमी पार्टी के गठबंधन की बैठक में शामिल न होने और डीएमके की नाराजगी की खबरों के बीच इन पोस्टरों ने विपक्षी एकता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

कांग्रेस ने इस पूरे मामले को विपक्षी एकता को तोड़ने की साजिश बताया है। पार्टी ने दावा किया है कि INDIA गठबंधन की बैठक में 23 से ज्यादा दल शामिल हो रहे हैं और विपक्ष पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और एकजुट है।

हालांकि पर्यवेक्षकों का कहना है कि ये पोस्टर विपक्षी दलों के बीच बरसों से चले आ रहे वैचारिक और राजनीतिक मतभेदों को फिर से उजागर कर रहे हैं। ऐसे में आगामी बैठक में विपक्षी दल किस तरह इन मतभेदों को संभालते हुए एकजुटता का संदेश देते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इस बैठक को विपक्ष की भविष्य की रणनीति और नेतृत्व व्यवस्था तय करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।