गायिका अल्का याग्निक को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया। सम्मान ग्रहण करने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया।
सम्मान मिलने के बाद अल्का याग्निक ने इंस्टाग्राम पर राष्ट्रपति के साथ तस्वीर साझा करते हुए एक भावुक संदेश लिखा। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहीं और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं।
अल्का ने लिखा, “पिछले दो साल मैं लोगों की नजरों से ओझल रही। न मंच पर आई और न ही अपनी जिंदगी के बारे में ज्यादा कुछ बताया। कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य की दिक्कतों से गुजर रही थी। इस दौरान आपका प्यार, दुआएं और समर्थन मुझे हर कदम पर मिलता रहा।”
उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान केवल उनके नाम पर है, लेकिन असल में यह उन सभी लोगों का है जिन्होंने उनकी आवाज को अपनाया, उनके गानों को पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रखा और हर मुश्किल वक्त में साथ दिया। अल्का ने इस पल को अपनी हिम्मत और उम्मीद की ताकत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वे धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं और यह सम्मान उनके लिए नया हौसला लेकर आया है।
स्वास्थ्य समस्या का खुलासा
दरअसल, अल्का याग्निक पिछले दो साल से संगीत क्षेत्र से ब्रेक पर हैं। उन्हें सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस नामक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसके कारण सुनने की क्षमता लगभग चली गई है। यह समस्या वायरल संक्रमण के कारण अचानक आई थी।
दो साल पहले इसकी जानकारी देते हुए अल्का ने खुद सोशल मीडिया पर लिखा था कि एक फ्लाइट से उतरने के बाद अचानक उन्हें सुनाई देना बंद हो गया। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें तेज आवाज वाले संगीत से पूरी तरह दूर रहना पड़ रहा है। उन्होंने फैंस से अपील की थी कि वे हेडफोन का अत्यधिक इस्तेमाल न करें और तेज संगीत से बचें।
अल्का याग्निक ने कहा था कि वे इस स्थिति को स्वीकार करने की कोशिश कर रही हैं और जल्द ही वापसी की उम्मीद रखती हैं। पद्म भूषण सम्मान मिलने के बाद अब उनके लाखों प्रशंसक उन्हें फिर से मंच पर देखने के लिए उत्साहित हैं।