मध्य पूर्व में तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान अपनी हरकतें नहीं बदलता तो उसके अस्तित्व पर संकट आ सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया जब अमेरिकी बलों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए और ईरान ने इसके जवाब में पड़ोसी देशों बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।
मामला?
अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ईरान के करीब 10 सैन्य स्थानों पर हमले किए। इनमें मिसाइल-ड्रोन भंडारण सुविधाएं, तटीय रडार, एयर डिफेंस सिस्टम और निगरानी केंद्र शामिल थे। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज में जहाजों पर हमले और युद्धविराम तोड़ने के जवाब में की गई।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तुरंत जवाब दिया। उसने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवीं फ्लीट मुख्यालय और कुवैत के दो एयर बेस पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए। ईरानी मीडिया के मुताबिक, ये हमले अमेरिकी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब थे। बहरीन और कुवैत ने इन हमलों की निंदा की है, हालांकि बड़े नुकसान या हताहतों की कोई पुष्टि नहीं हुई।
ट्रंप ने हमलों के बाद कहा कि ईरान की सेना बुरी तरह कमजोर हो चुकी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौते की राह पर नहीं आया तो अमेरिका और मजबूत कदम उठा सकता है, जिससे ईरानी शासन टिक नहीं पाएगा।