भोपाल: पंजाब किंग्स के बल्लेबाज शशांक सिंह और पिता पूर्व डीजी शैलेष सिंह पर कुक की पिटाई का आरोप, FIR दर्ज

पंजाब किंग्स के बल्लेबाज शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह पर नौकर के साथ मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगा है। पीड़ित युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर रातीबड़ थाने में FIR दर्ज की गई है।

पीड़ित विपेंद्र सिंह तोमर (31 वर्ष), रीवा निवासी का आरोप है कि खाने को लेकर नाराजगी जताते हुए उन पर गालियां दी गईं। जब उन्होंने काम छोड़ने की इच्छा जताई तो उनका मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में शैलेष सिंह, शशांक सिंह तथा उनके ड्राइवर ने मिलकर उनकी पिटाई की। घटना के बाद विपेंद्र ने रोते हुए एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई घटना का ब्योरा दिया।

विपेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि परिचित मोहित सिंह सेंगर के माध्यम से उन्हें भोपाल बुलाया गया था। शैलेष सिंह के नीलबड़ स्थित आवास पर कुक की नौकरी का ऑफर मिला, जिसमें 15 हजार रुपये मासिक वेतन के अलावा रहने-खाने की व्यवस्था का वादा किया गया। साथ ही सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन भी दिया गया था।

काम शुरू करने के कुछ घंटों बाद ही लगातार काम कराए जाने और पुराने कुक को भी गालियां दिए जाने पर विपेंद्र ने काम छोड़ने की बात कही। इसके जवाब में उनसे कथित तौर पर कहा गया, “काम नहीं करेगा तो यहां आया क्यों था? क्या मेरा मर्डर करने आया है?” इसके बाद उनका मोबाइल छीन लिया गया और जबरन काम पर लगाए रखा गया। बाद में तीनों आरोपियों ने मिलकर उनकी मारपीट की।

रातीबड़ थाना पुलिस ने सोमवार को शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शैलेष सिंह, शशांक सिंह और एक कर्मचारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पीड़ित और गवाहों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहले भी लग चुके हैं आरोप

इससे पहले 5 मई 2026 को विदिशा के गंजबासौदा निवासी राजीव विश्वकर्मा ने भी शैलेष सिंह के खिलाफ डीजीपी कैलाश मकवाना को शिकायत दी थी। राजीव ने आरोप लगाया था कि नौकरी के दौरान उन्हें घर में बंधक बनाकर रखा गया, मारपीट की गई और मोबाइल व बैग छीन लिए गए। नौकरी छोड़ने पर चोरी-छेड़छाड़ जैसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी गई थी।