UN मुख्यालय के बाहर तिब्बती व्यक्ति ने खुद को आग लगा ली, जान गंवाई

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के समीप एक तिब्बती व्यक्ति ने चीनी शासन के खिलाफ तीखा विरोध जताते हुए आत्मदाह कर लिया। इस घटना में उनकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान लोब्गा रंगजेन (42 वर्ष) के रूप में हुई है। वे पिछले करीब दो दशक से अमेरिका में रह रहे थे और उबर ड्राइवर का काम करते थे। घटना गुरुवार शाम लगभग सात बजे ईस्ट 43rd स्ट्रीट के पास हुई, जब रश आवर का समय था।

प्रत्यक्षदर्शी वीडियो के अनुसार, रंगजेन बौद्ध भिक्षु वाले वस्त्र पहने हुए थे। उन्होंने वहां तिब्बती झंडा लगाया और खुद पर आग लगा ली। जलते हुए उन्होंने कुछ कागजात भी बिखेरे, जिनमें “चीन को तिब्बत से निकालो” जैसे नारे लिखे थे। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि उन्होंने तिब्बती स्वतंत्रता और समुदाय की एकता की अपील भी की।

पुलिस और सुरक्षा बलों ने तुरंत आग पर काबू पाया, लेकिन रंगजेन को गंभीर रूप से झुलसे हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

रंगजेन के परिचितों ने बताया कि वे तिब्बती संस्कृति, भाषा और पहचान पर लग रही पाबंदियों से बेहद निराश थे। वे हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से चीन के तिब्बत पर कब्जे का विरोध करते रहे। तिब्बती समुदाय से जुड़े संगठनों ने उनकी मौत पर गहरा दुख जताया है और उन्हें तिब्बत का समर्पित समर्थक बताया है।

यह घटना चीन की हालिया ‘Ethnic Unity Law’ के लागू होने के बाद आई है, जिसका दुनिया भर के तिब्बती विरोध कर रहे हैं। वर्ष 2009 के बाद से तिब्बत और पड़ोसी क्षेत्रों में ऐसे दर्जनों आत्मदाह के मामले सामने आ चुके हैं, जो बीजिंग की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन माने जाते हैं। न्यूयॉर्क पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यह घटना उसके दैनिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद हुई।