ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के चार महीने बाद उनकी भव्य अंतिम यात्रा शुरू हो गई है। फरवरी में अमेरिका-इजरायल के हमलों में शहीद हुए खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए लाखों लोग काले कपड़ों में सड़कों पर उतरे हैं। जगह-जगह ‘खून का बदला खून’ और ‘बदला लेंगे’ जैसे नारे लग रहे हैं।
सरकार ने 3 जुलाई से शुरू हुए इस कार्यक्रम को छह दिन तक चलाने का फैसला किया है। तेहरान के मुख्य स्थल पर ताबूत रखा गया है, जहां आम लोग अंतिम दर्शन कर रहे हैं। जुलूस निकाले जा रहे हैं और पूरे देश में शोक की लहर है। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान करोड़ों लोग शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम क़ोम, मशहद और इराक के पवित्र स्थानों तक भी जाएगा। अंतिम संस्कार ९ जुलाई को मशहद में होगा।
भावुक माहौल और प्रतिरोध का संदेश
जुलूस में शामिल लोग खामेनेई की तस्वीरें थामे रो रहे हैं। कई नेता भी भावुक नजर आए। आयोजकों ने इसे ‘ईरान के शहीद’ की याद में ‘बदला लेने’ का संकल्प बताया है। इस मौके पर पश्चिमी देशों के खिलाफ मजबूत संदेश दिया जा रहा है।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान से जल्दी निकल जाएगा और यदि जरूरत पड़ी तो दोबारा कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने ईरान को कुछ समय की राहत देने की बात भी कही।