दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन इसकी तेज बारिश ने पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। उत्तराखंड में भूस्खलन की घटनाओं से यात्री मार्गों पर फंस गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में जानें गई हैं। राजस्थान में भी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है।
उत्तराखंड: भूस्खलन से यात्री संकट
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। यमुनोत्री मार्ग पर फंसे यात्रियों की संख्या करीब एक हजार बताई जा रही है। प्रशासन मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहा है। पिथौरागढ़ समेत अन्य इलाकों में भी चट्टानें गिरने और सड़कें बंद होने की सूचनाएं हैं। कई जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं और नदियों में जल स्तर बढ़ने से अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश: बारिश से 10 लोगों की मौत
प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार-गुरुवार को हुई तेज बारिश ने कहर बरपाया। अलग-अलग घटनाओं जैसे बिजली गिरने, दीवार ढहने और डूबने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर और हरदोई जैसे जिलों में परिवारों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान: मकान ढहे, ट्रेन सेवाएं प्रभावित
धौलपुर और अजमेर क्षेत्रों में बारिश से कुछ मकान गिर गए, जिससे लोग मलबे में फंस गए। राज्य में छह ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और कई अन्य गाड़ियों का परिचालन प्रभावित हुआ है। यात्री देरी और बदलाव से परेशान हैं।