बुधवार को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ खुला। वैश्विक संकेतों में कमजोरी, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिला।
सुबह के सत्र में बीएसई सेंसेक्स करीब 388 अंक टूटकर 77,081 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी निचले स्तर पर 24,100 अंक के आसपास कारोबार कर रहा था।
सबसे ज्यादा नुकसान दवा कंपनियों के शेयरों में दर्ज किया गया। अमेरिका द्वारा संभावित आयात शुल्क बढ़ोतरी की आशंका के कारण निफ्टी फार्मा इंडेक्स लगभग 1 प्रतिशत नीचे आ गया।
एशियाई बाजारों का रुख
इसके उलट एशियाई बाजारों में आज बढ़त नजर आई। जापान का निक्केई 1.93 प्रतिशत ऊपर चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 6.01 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। मंगलवार को अमेरिकी बाजार भी सकारात्मक बंद हुए, जहां डॉव जोन्स के साथ एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट में भी लाभ दर्ज किया गया।
कच्चा तेल और कीमती धातुएं
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई है। जुलाई वायदा अनुबंध 1.7 प्रतिशत बढ़कर 92.54 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसी के साथ सोने में 1.21 प्रतिशत और चांदी में 1.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।