लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के दबाव में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपना इस्तीफा दे दिया। यह फैसला NEET परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों की जीत माना जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन के दौरान जोर देकर कहा था, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और युवाओं में नई ऊर्जा भर गया। दीपके ने बीमारी के बावजूद प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प दिखाया था।
क्या हैं मुख्य मुद्दे?
CJP और अन्य छात्र संगठनों ने NEET पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्याएं और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर पिछले कई हफ्तों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की तीन प्रमुख मांगें थीं-
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
- प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा
- छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी
सरकार के साथ हुई वार्ताओं में आंशिक सहमति बनी थी, लेकिन इस्तीफे की मांग पर अंतिम फैसला आज आया। अभिजीत दीपके ने छात्रों और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र को बेहतर बनाने की है।