पिछले दो दिनों में भारतीय नाविकों वाले तीन व्यापारिक जहाजों पर अलग-अलग हमले हुए हैं। इनमें काला सागर में दो और होर्मुज जलडमरूमध्य में एक हमला शामिल है। सबसे हालिया घटना में रूस के सोची तट के पास एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें टैंकर में आग लग गई। जहाज पर मौजूद सभी 23 भारतीय नाविक सुरक्षित बचा लिए गए।
काला सागर में तेल टैंकर पर हमला
रूसी परिवहन मंत्रालय के अनुसार, 6 अक्टूबर को सोची के करीब लाइबेरिया के झंडे वाले तेल टैंकर अफ्रामैक्स रियो पर नौसैनिक ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद टैंकर में भरी कच्ची तेल में आग लग गई और समुद्र के पानी में भी आग फैल गई। शहर से काले धुएं का बड़ा गुबार साफ दिख रहा था।
टैंकर पर कुल 23 भारतीय नागरिक सवार थे। बचाव टीमों ने सभी को बिना किसी चोट के सुरक्षित निकाल लिया। आग की तीव्रता कम होने के बाद ही अग्निशमन कार्य शुरू किया जा सका।
काला सागर में दूसरी घटना
इससे पहले 5-6 अक्टूबर को काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव नामक कार्गो जहाज पर हमला हुआ। जहाज यूक्रेन से इटली की ओर मक्का लेकर जा रहा था। हमले में दो विदेशी नाविकों की जान चली गई और जहाज बाद में डूब गया। रोमानियाई अधिकारियों ने 11 सदस्यों को बचाया। जहाज पर तीन भारतीय नाविक थे, जिनमें से एक घायल है और रोमानिया में इलाज चल रहा है। बाकी दो सुरक्षित हैं। यूक्रेन ने इस हमले के लिए रूस पर आरोप लगाया है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित आवागमन और व्यापार बहाल किया जाना जरूरी है।