लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देशद्रोही और विदेशी ताकतों से जुड़ाव के सवाल पर सीधी बहस की चुनौती दी है। उन्होंने साफ कहा कि जगह और जज आप खुद चुन लें। इसके जवाब में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन संसद की कार्यवाही को बाधित न करें।
राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि उनकी चुनौती को 24 घंटे बीत चुके हैं। उन्होंने कहा, “आप विपक्ष को देशद्रोही बताते हैं। किसी भी मंच पर आ जाएं, मेरे साथ बहस कीजिए। देशद्रोही कौन है, विदेशी ताकतों से किसका नाता है और वह कैसा है, यह सब साफ हो जाए। डरिए मत। मीडिया, युवा और टेबल सब मौजूद रहेंगे। एक तरफ आप, दूसरी तरफ मैं। जज भी आप बना दें, चाहे मोहन भागवत जी को ही क्यों न बैठा दें।”
उन्होंने वित्तीय व्यवस्था, अमेरिका से हुए समझौते, अडानी से जुड़े मामले और अन्य मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की मांग की। राहुल ने जोर दिया कि आरोप-प्रत्यारोप के बजाय खुली बहस से सच्चाई सामने आएगी।
इससे पहले पीएम मोदी ने विपक्ष पर विदेश में बैठकर देश विरोधी ताकतों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया था। उसी के जवाब में राहुल ने यह चुनौती दी थी।
गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में बीजेपी की पदयात्रा और सभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में ईवीएम, मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) या घुसपैठिया जैसे किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है। शाह का आरोप था कि विपक्ष संसद नहीं चलने देता और सिर्फ हंगामा करता है। उन्होंने जोर दिया कि संसद चले तो जनता खुद सच-झूठ का फैसला कर सकेगी।