राजस्थान के अलवर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 9 साल के मासूम बच्चे की गवाही ने अपनी ही मां की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां ने अपने प्रेमी और भाड़े के हत्यारों के साथ मिलकर उसके पिता की निर्मम हत्या करवाई। यह वीभत्स घटना 7 जून की रात को अलवर के खेरली इलाके में घटी थी। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस को करीब 100 सीसीटीवी फुटेज खंगालने पड़े, जिसके बाद 48 घंटे के भीतर सच सामने आ गया।
“हत्यारिन अनीता” का काला सच आया सामने
मृतक की पहचान वीरू उर्फ मान सिंह जाटव के रूप में हुई है, जो 7 जून को अपने घर में मृत पाए गए थे। शुरुआत में उनकी पत्नी अनीता ने परिवार को बताया कि वीरू बीमार थे और उनकी स्वाभाविक मौत हो गई। हालांकि, वीरू के शरीर पर, खासकर उनके टूटे दांत और दम घुटने के निशान देखकर परिजनों को शक हुआ। इसके बाद वीरू के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसने इस मामले की गहन जांच शुरू की।
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, “हत्यारिन अनीता” का काला सच सामने आने लगा। इस हत्या की गुत्थी का सबसे अहम सुराग उनके मासूम बेटे से मिला। बच्चा अपने पिता की हत्या का चश्मदीद गवाह था, लेकिन डर के मारे वह शांत रहा और हत्या के वक्त सोने का नाटक करता रहा।
बच्चे ने बताया खौफनाक वारदात का आंखों देखा हाल
बच्चे की गवाही के अनुसार, उसकी मां अनीता ने वारदात वाली रात घर का मेन गेट जानबूझकर खुला छोड़ दिया था। आधी रात के करीब, चार लोग घर में घुस गए। इन लोगों ने सोते समय वीरू का दम घोंटकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। बच्चे ने बताया कि इन चार लोगों में से वह एक व्यक्ति को जानता है, जिसका नाम काशीराम प्रजापत है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि काशीराम, अनीता का प्रेमी है और उसी ने इस पूरी साजिश को अंजाम देने में अनीता की मदद की थी।
एनडीटीवी के अनुसार, गवाही में बच्चे ने जो आंखों देखा मंजर बताया, वह दिल दहला देने वाला है: “मैं अभी सो ही रहा था कि मुझे दरवाजे पर हल्की सी आवाज सुनाई दी। मैंने आंखें खोलीं तो देखा कि मेरी मां गेट खोल रही हैं। काशी अंकल बाहर खड़े थे, उनके साथ चार और लोग थे। मैं डर गया, मैं उठा नहीं, चुपचाप सब कुछ देखने लगा। वे हमारे कमरे में आ गए। मैं उठा तो देखा कि मेरी मां बिस्तर के सामने खड़ी हैं। उन लोगों ने उन्हें घूंसे मारे, उनके पैर मरोड़े और उनका गला भी दबाया।”
बच्चे ने आगे बताया, “काशी अंकल ने तकिये से अपना मुंह ढक रखा था। जब मैंने अपने पिता को बुलाया तो काशी अंकल ने मुझे गोद में उठा लिया और डांटने लगे और धमकाया।” लड़के ने कहा, “मैं डर के मारे चुप हो गया। कुछ मिनट बाद पापा की मौत हो गई, फिर सब चले गए।”
अनीता और काशीराम के बीच प्रेम प्रसंग
पुलिस के मुताबिक, अनीता और काशीराम ने वीरू की हत्या की योजना पहले ही बना ली थी। अनीता खेरली में एक छोटी सी जनरल स्टोर चलाती थी, जहां काशीराम, जो एक स्थानीय कचौड़ी विक्रेता था, अक्सर आता-जाता था। कथित तौर पर, समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उनका अवैध प्रेम परवान चढ़ने लगा। इसी प्रेम प्रसंग के चलते दोनों ने वीरू को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह घटना समाज में रिश्तों के बदलते स्वरूप और आपराधिक मानसिकता के बढ़ते खतरे को दर्शाती है।