World’s Test Rankings: आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनिशिप यानी डब्ल्यूटीसी के चौथे साइकल की शुरुआत पहले ही हो चुकी है और इस चक्र के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड और इंडिया की भिडंत हुई। श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच हुए टेस्ट मैच के साथ डब्ल्यूटीसी के 2025-27 सत्र की शुरूआत हुई थी। उस मैच का नतीजा ड्रॉ रहा था, लेकिन इंडिया वर्सेस इंग्लैंड मैच का नतीजा हार-जीत के रूप में निकला। मेजबान इंग्लैंड की टीम ने लीड्स टेस्ट मैच में जीत दर्ज करने के साथ हळउ के नए चक्र में नंबर वन की कुर्सी हासिल कर ली है।
डब्ल्यूटीसी के नए चक्र की शुरुआत अभी हुई है तो सिर्फ चार ही टीमें इस समय पॉइंट्स टेबल में शामिल हैं। इंग्लैंड की टीम धमाकेदार जीत दर्ज करके नंबर वन बन गई है, जबकि भारतीय टीम चौथे पायदान पर है, क्योंकि दूसरे नंबर पर इस समय बांग्लादेश की टीम है, जबकि तीसरे पायदान पर श्रीलंका की टीम है। इसके बाद नंबर भारतीय टीम का है, जिसके खाते में एक भी अंक है। इंग्लैंड के खाते में एक मैच में जीत दर्ज करने के बाद 12 अंक हैं और टीम का जीत प्रतिशत 100 का है। बांग्लादेश और श्रीलंका के खाते में 4-4 अंक हैं और जीत प्रतिशत दोनों का 33.33-33.33 प्रतिशत है। 17 जून से हळउ के नए साइकल की शुरूआत हुई। 24 जून तक दो मैच खेले गए हैं, जबकि तीसरा और चौथा मैच 25 जून से शुरू हो रहा है। एक मैच बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच शुरू होगा और एक मैच वेस्टइंडीज और आॅस्ट्रेलिया के मध्य खेला जाना है। इन मैचों के नतीजों के बाद पॉइंट्स टेबल में बड़े फेरबदल देखे जा सकते हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा मुकाबला 2 जुलाई से खेला जाएगा, तब तक इन मैचों का परिणाम हमारे सामने होगा।
शुभमन गिल बतौर कप्तान बहुत ही ज्यादा डिफेंसिव थे: मांजरेकर
इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैच की सीरीज का पहला मैच भारत ने गंवा दिया। एक ऐसा मैच जिसे नहीं हारना चाहिए था। क्रिकेट इतिहास में पहली बार किसी टीम की तरफ से टेस्ट में 5 शतक लगे, फिर भी हार गए। दोनों पारियों में 835 रन बनाए, फिर भी हार गए। हारे हुए मैच में दोनों पारियों को मिलाकर अब तक का चौथा सबसे बड़ा स्कोर। शुभमन गिल अपनी कप्तानी की पहली ही परीक्षा में फेल हो गए। पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर मानते हैं कि शुभमन गिल बतौर कप्तान बहुत ही ज्यादा डिफेंसिव थे। वह साथ ही साथ इसे गिल की रणनीति भी करार देते हैं जो अपेक्षित नतीजे नहीं दे सकी। बहुत से लोगों को लगा कि गिल बहुत ज्यादा डिफेंसिव हो गए थे। लेकिन मुझे लगता है कि वह इंग्लैंड को जाल में फंसाना चाहते थे, इस उम्मीद में कि आखिरकार विकेट मिलेंगे।
गिल की टेस्ट कप्तानी पर गौतम गंभीर बोले- यह किसी को गहरे समुद्र में धकेलने जैसा है…
भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने सभी से टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को ‘समय’ देने का आग्रह किया। गिल ने हेडिंग्ले में सीरीज के पहले मैच में इंग्लैंड के खिलाफ कैप्टेंसी डेब्यू किया। इस मैच में टीम इंडिया को पांच विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। हेड कोच ने कहा है कि यह किसी को गहरे समुद्र में धकेलने जैसा है, लेकिन उनको यकीन है कि वे इससे बाहर निकल आएंगे। भारतीय टीम इस मैदान पर 2002 के बाद पहली जीत की तलाश में थी। गंभीर ने कहा, देखिए, उनका ये कप्तान के तौर पर पहला टेस्ट मैच। जाहिर है, नर्वसनेस होती है। यह एक बड़ा सम्मान है। मुझे लगता है कि जिस तरह से उन्होंने पहली पारी में बल्लेबाजी की। पहली बार कप्तान बनने और फिर शतक बनाने पर उन्हें थोड़ा अच्छा महसूस हुआ होगा। एक सफल कप्तान बनने के लिए जो कुछ भी चाहिए, हमें उसे बस समय देना होगा। हम अभी भी बहुत शुरूआती दौर में हैं और वह पहली बार कप्तानी कर रहा है। मुझे यकीन है कि वह बेहतर होने जा रहा है। इसके अलावा ये कप्तानी के लिए कठिन जगह (इंग्लैंड) है। यह किसी को गहरे समुद्र में धकेलने जैसा है और मुझे यकीन है कि वह एक प्रोपर प्रोफेशनल के रूप में इससे बाहर आने वाला है।