वल्लभ भवन झुग्गी क्षेत्र: 5 लाख की आबादी के लिए प्रशासन बनाएगा मात्र 24 हजार एहर फ्लैट्स

Vallabh Bhawan slum area: भोपाल के वल्लभ भवन क्षेत्र में झुग्गियों को हटाए जाने के बाद, प्रशासन अब वहाँ के रहवासियों के लिए स्थायी आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। प्रशासन की योजना के अनुसार, इन विस्थापित नागरिकों को अरेरा हिल्स पर बनाए जाने वाले नए फ्लैट्स में बसाया जाएगा। यह परियोजना भोपाल को झुग्गीमुक्त शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, हालाँकि इस बड़े पैमाने की योजना के क्रियान्वयन को लेकर कुछ चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं।

24 हजार EWS फ्लैट्स का निर्माण और ऊँचाई को लेकर चुनौती

जानकारी के मुताबिक, प्रशासन की योजना लगभग 24 हजार इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) फ्लैट्स बनाने की है। यह एक बड़ा सवाल है कि इतने फ्लैट्स शहर में झुग्गी-बस्ती में रहने वाले 5 लाख से अधिक लोगों में से कितने को समायोजित कर पाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि वल्लभ नगर क्षेत्र में 45 मीटर ऊँचाई तक की बहुमंजिला इमारतें बनाने की योजना है। हालाँकि, इस योजना को अभी तक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिल पाया है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इन इमारतों की ऊँचाई को 30 मीटर तक सीमित करने को कहा है, जिससे वर्तमान निर्माण योजना में बदलाव की आवश्यकता पड़ सकती है।

स्मार्ट सिटी मॉडल पर विकसित होंगे आवासीय टॉवर

प्रशासन द्वारा तैयार किए गए प्लान के अनुसार, अरेरा हिल्स पर बनने वाले ये बहुमंजिला आवासीय टॉवर स्मार्ट सिटी परियोजना में अपनाए गए मॉडल पर आधारित होंगे। ठीक वैसे ही आवासीय कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे जैसे स्मार्ट सिटी क्षेत्र में पुराने सरकारी मकानों को तोड़कर होटल पलाश के सामने विकसित किए गए हैं। यह मॉडल आधुनिक सुविधाओं से युक्त और सुनियोजित आवास प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।

प्रशासनिक स्तर पर समाधान की पहल

इस परियोजना की चुनौतियों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय है। मामले को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने पुष्टि की है कि भोपाल को झुग्गीमुक्त शहर बनाने के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी सहित सभी संबंधित एजेंसियों के साथ चर्चा जारी है ताकि ऊँचाई संबंधी मुद्दे का जल्द से जल्द समाधान निकाला जा सके। उम्मीद है कि इस सप्ताह कलेक्टर सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर इस मामले को अंतिम रूप देंगे, जिसके बाद नगर निगम जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर पाएगा।