लाभार्थी वर्ग को डिजिटलाइज करेगी डॉ. मोहन सरकार: अब e-wallet में आएगा योजनाओं का डिजिटल रुपया

Dr. Mohan Sarkar will digitize the Beneficiary Class: लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, सीएम कन्या विवाह, सीएम निकाह योजना, संबल योजना,दिव्यांग, बुजुर्ग और निराश्रित पेंशन योजना, पीएम उज्जवला योजना, किसान सम्मान योजना सहित राज्य सकार की तमाम हितग्राही मूलक योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के लिए अच्छी खबर है। उनके लिए अब सरकार सेट्रल बैंक डिजिटल करेंसी(सीबीडीसी)योजना लाने की तैयारी में है। इस योजना के लागू होंने के बाद सरकारी योजनाओं के लाभ बैंक खातों में प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को अब बैंक खातों से राशि निकासी के लिए बैंको के चक्कर नहीं काटने पड़ेगे। यूपीआई की तर्ज पर उसके e-wallet में यह राशि आएगी और वह अपनी दैनिक जरुरतों को पूरा करने डिजिटली इससे कभी भी भुगतान कर सकेगा।

सरकार अब मध्यप्रदेश की विभिन्न योजनाओं के आधार लिंक मोबाइल और बैंक खातों का उपयोग कर उनके e-wallet तैयार कराएगी। योजनाओं के लाभार्थियों को दी जाने वाली शासकीय योजनाओं की राशि सीधे उनके बैंक खाते और आधार लिंक मोबाइल से बनाए गए ई वॉलेट में जाएगी। ई वॉलेट से हितग्राही विभिन्न जरुरतों के लिए राशि खर्च कर पाएगा।

हितग्राही कहां खर्च कर रहा है पैसा इसकी आॅनलाइन निगरानी भी होगी

ब्लॉक चैनल तकनीक का इस्तेमाल भी इसमें किया जाएगा। आरबीआई के टोकन की तरह डिजिटल राशि जारी की जाएगी। e-wallet के जरिए जो भी हितग्राही राशि खर्च करेगा उसकी भी आॅनलाईन निगरानी की जा सकेगी। हितग्राही किस मद में किस तरह से यह राशि खर्च कर रहा है। जिस काम के लिए उसे राशि दी गई है वह उस पर खर्च हो रही है या कहीं और खर्च हो रही है। योजना में राशि का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं यह भी आॅनलाईन ट्रेक किया जा सकेगा। यदि राशि का गलत इस्तेमाल हो रहा होगा तो योजना का स्वरुप बदलने पर भी विचार किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि फर्जीवाड़ा रुके, सहीं हाथो मे ंराशि पहुंचे और जिस मंशा से सरकार ने राशि दी है वह मंशा पूरी हो सके।

क्या है डिजिटल करंसी?

CBDC का मतलब है सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी, जो कि केंद्रीय बैंक द्वारा जारी की गई एक डिजिटल रूप में कानूनी मुद्रा है। यह मौजूदा कागजी मुद्रा के समान है, लेकिन डिजिटल रूप में, और इसका उपयोग डिजिटल लेनदेन और भुगतान के लिए किया जा सकता है। भारत में, इसे डिजिटल रुपया भी कहा जाता है। हितग्राहियों को भुगतान के लिए उड़ीसा और महाराष्टÑ राज्य सरकार इस योजना पर काम कर चुकी है अब मध्यप्रदेश सरकार भी इस पर काम करने जा रही है।