Weather’s effect in Vidisha: मौसम का सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इन दिनों मौसमी वायरल व डायरिया के चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गई है। मेडीकल कॉलेज अस्पताल एवं जिला चिकित्सालय की ओपीडी में मरीजों की संख्या का आंकड़ा 2300 पार हो गया है।
मौसमी बीमारियों की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होता रहा है। सर्दी, खांसी, बुखार, डायरिया के मरीज बड़ रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1000 व मेडीकल कॉलेज की ओपीडी में 1315 इस तरह से दोनों ओपीडी में 1315 पीड़ित पृथक-पृथक स्वास्थ्य संबंधी पीड़ा लेकर इलाज कराने पहुंचे। जिनका डाक्टरों द्वारा परीक्षण कर दवाएं लिखी गई हैं।
6-6 घंटे की मशक्त, फिर होती हैं दवाएं नसीब
मेडीकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी समय में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों को 6-6 घंटे की मशक्त के बाद दवाएं नसीब हो रही हैं। दवा वितरण केन्द्र पर कई मरीजों के दवाईयों के लिए कतार में रहते बताया कि सुबह 9 बजे से आएं हैं। ओपीडी में पर्चा बनवाने से लेकर चिकित्सक,जांच,व दवा वितरण केन्द्र से डाक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं को प्राप्त करने मे करीब ं 6 घंटे तक का समय लग रहा है। हैदरगढ़ निवासी इमरान व बजरिया निवासी रईस ने बताया कि भीड़ इतनी है कि पहले पर्चा बनवाने में समय लगा,इसके बाद डाक्टर को दिखाने,इसके बाद पर्चे पर लिखी दवा प्राप्त करने के लिए दवा वितरण केन्द्र पर कोई एक घंटे से तो कोई डेढ़ घंटे से लाइन में लगा है।
वायरल फीवर व डायरिया का जोर
बारिस के मौसम में सबसे अधिक मरीजों की संख्या वायरल फीवर की चपेट में आने वाले मरीजों की है। इसके बाद उल्टी-दस्त के मरीज भी बढ़ रहे हैं। मलेरिया और डेÞगू के मरीज भी सामने आने लगे हैं। मेडीकल कॉलेज की ओपीडी में वायरल फीवर,डायरिया से पीड़ित मरीज इलाज कराने ओपीडी समय में रोज पहुंच रहे हैं। खासकर डायरिया के मरीजों का चिकित्सक द्वारा परीक्षण करने के बाद जिन मरीजों को भर्ती करने की आवश्यकता होती है उन्हें भर्ती किया जा रहा है। वही आंशिक पीड़ित मरीजों के लिए पर्ची पर दवाईयां लिख दी जाती है। अहम बात यह है कि एक सप्ताह में यहां पर डेंगू अथवा मलेरिया की चपेट वाले एक-दो मरीज सामने आ रहे हैं।
राजेश जैन का कहना है
ओपीडी में 1315 मरीज इलाज कराने आए थे। जिनमें वायरल फीवर, डायरिया के मरीज भी शामिल हैं। इसके अलावा सप्ताह में 1-2 मरीज डेंगू, मलेरिया के भी सामने आते हैं। अभिनाश नागवे, अधीक्षक शासकीय मेडीकल कॉलेज… ओपीडी समय में 1000 मरीज आए थे। जिनमें मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या अधिक थी।