उमा भारती ने व्यापमं घोटाले में अपना नाम आने पर जताई नाराज़गी, CBI जांच की मांग उठाई

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने व्यापमं घोटाले में अपना नाम घसीटे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस मामले में सीबीआई से जांच की मांग करते हुए कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनका नाम इस पूरे मामले में कैसे और क्यों आया।

भोपाल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उमा भारती ने कहा कि उन्हें खुद नहीं समझ आ रहा कि उनका नाम इस घोटाले में कैसे जुड़ गया। उन्होंने साफ तौर पर कहा, “मैं आज तक यह नहीं समझ पाई कि मेरा नाम व्यापमं से कैसे जुड़ा। मैं चाहती हूं कि सीबीआई इस बात की गहराई से जांच करे कि आखिरकार यह नामांकन कैसे हुआ।”

क्राइम ब्रांच की भूमिका पर उठाए सवाल

उमा भारती ने न सिर्फ सीबीआई से निष्पक्ष जांच की अपील की, बल्कि मध्य प्रदेश पुलिस की क्राइम ब्रांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सीबीआई की नीयत और ईमानदारी पर उन्हें पूरा भरोसा है, लेकिन राज्य की क्राइम ब्रांच ने किस आधार पर उनका नाम जोड़ा, यह बहुत बड़ा सवाल बन गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “क्या मेरे नाम का इस्तेमाल कर कुछ और बड़े नामों को बचाने की कोशिश की गई थी? अगर ऐसा है तो यह गंभीर मामला है और इसकी सच्चाई सामने आनी ही चाहिए।”

व्यापमं प्रकरण से जुड़ा दर्द साझा किया

व्यापमं घोटाले में नाम आने को लेकर भावुक होते हुए उमा भारती ने बताया कि इस प्रकरण ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया। उन्होंने कहा कि उनकी मां की मृत्यु के बाद अगर उन्हें किसी घटना ने सबसे अधिक तकलीफ दी, तो वह व्यापमं मामले में नाम आने की घटना थी। उन्होंने कहा, “जब मेरा नाम सामने आया तो मेरी आंखों में आंसू आ गए थे। मैं बहुत आहत थी।”

CBI से निष्पक्ष जांच की उम्मीद

उमा भारती ने अंत में कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि अगर सीबीआई इस मामले की जांच करती है तो सच सामने आएगा और यह स्पष्ट होगा कि उनका नाम क्यों और कैसे जोड़ा गया। उन्होंने भरोसा जताया कि न्याय जरूर मिलेगा और सच्चाई देर-सबेर सामने आएगी।

इस बयान के बाद व्यापमं घोटाले को लेकर एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और कई नए सवाल उठ खड़े हुए हैं।