बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कमजोर हड्डियों की समस्या आज आम बात हो गई है। लेकिन एक पुराने नुस्खे के तहत इस समस्या से बचा जा सकता है। चावल के दाने के आकार का चूना खाना कमजोर हड्डियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
मॉडर्न जमाने में कई तरह के फास्ट फूड खाने से शरीर जरूरी पोषक तत्वों की कमी की समस्या से ज्यादातर लोग जूझ रहे हैं। वहीं, एक जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट कैल्शियम स्वस्थ शरीर और मजबूत हड्डियों के लिए बहुत आवश्यक है। बढ़ती उम्र के साथ कमजोर हड्डियों की समस्या को दूर करने के लिए चूना एक रामबाण इलाज है। सही तरीके से चूना खाने से हड्डियां पत्थर की तरह मजबूत बन जाती हैं। हरदोई में शतायु आयुर्वेदा एवं पंचकर्म केंद्र चलाने वाले डॉक्टर अमित कुमार ने बताया कि हड्डियों के लिए चूने का सेवन किसी प्रकार से वैज्ञानिक प्रमाण नहीं देता, लेकिन कैल्शियम के स्रोत के रूप में लोग चूने का सेवन करते आए हैं। अनियमित चूने का सेवन करने से किडनी संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। चूना कैल्शियम से भरपूर होता है, जो शरीर की हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद है। मसूड़ों में होने वाले दर्द को कम करने, दांतों को मजबूत बनाने, घाव को जल्दी भरने में सहायक होता है। चूने में कोलेजन उत्पादन को तेज करने वाले गुण पाए जाते हैं, जो घाव को तेजी से भरने में मददगार होते हैं।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को कैल्शियम की बहुत आवश्यकता होती है, ऐसे में उनको चावल या गेहूं के दाने के बराबर चूना खाना लाभदायक होता है। चूने को दही में मिलाकर खाने से इसका अधिक लाभ मिलता है। अगर गर्भवती महिलाओं को गर्भ के दौरान चूने की थोड़ी मात्रा दी जाए, तो बच्चे को जन्म देते समय मां को कम तकलीफ होगी। हालांकि चूने के उपयोग से पहले डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है। हमारी हड्डियों का स्वास्थ्य और मजबूती संतुलित आहार और पोषक तत्वों की निरंतर आपूर्ति पर निर्भर करती है – सबसे महत्वपूर्ण, कैल्शियम और विटामिन डी। कैल्शियम एक ऐसा खनिज है जो मजबूत हड्डियों और दांतों के निर्माण और रखरखाव के लिए जरूरी है। यह मांसपेशियों के नियंत्रण और रक्त परिसंचरण जैसे अन्य शारीरिक कार्यों के लिए भी बहुत जरूरी है। कैल्शियम शरीर में नहीं बनता—इसे हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन से अवशोषित होना चाहिए। भोजन से कैल्शियम को प्रभावी ढंग से अवशोषित करने के लिए, हमारे शरीर को विटामिन डी की आवश्यकता होती है। अगर हमारे आहार में हमारे शरीर के कामकाज के लिए पर्याप्त कैल्शियम नहीं है, तो कैल्शियम हमारी हड्डियों में जमा होने वाली जगह से बाहर निकल जाता है। समय के साथ, इससे हमारी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और आॅस्टियोपोरोसिस हो सकता है।