PM Modi on Jagdeep Dhankhar’s resignation: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंगलवार, 22 जुलाई को स्वीकार कर लिया गया है। उनके इस फैसले के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और नए उपराष्ट्रपति के चुनाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की है और धनखड़ के उज्ज्वल भविष्य व अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है।
पीएम मोदी ने जताई सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, “श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में देश की सेवा करने का गौरव प्राप्त हुआ है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य और सुखद भविष्य की कामना करता हूं।” पीएम मोदी की इस प्रतिक्रिया को धनखड़ के योगदान की सराहना के रूप में देखा जा रहा है।
अब जल्द होंगे नए उपराष्ट्रपति के चुनाव
धनखड़ के इस्तीफे के साथ ही अब उपराष्ट्रपति पद रिक्त हो गया है। संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफा या अन्य किसी कारणवश पद खाली होने की स्थिति में जल्द से जल्द चुनाव कराना अनिवार्य होता है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को गति देगा।
नड्डा और धनखड़ के बीच अनबन की अटकलें
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, धनखड़ के इस्तीफे के पीछे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से हुई कथित नाराजगी को एक वजह माना जा रहा है। सोमवार को संसद की कार्यवाही के दौरान बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक शाम 4:30 बजे निर्धारित थी, जिसमें नड्डा और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की अनुपस्थिति से धनखड़ नाराज बताए जा रहे हैं। साथ ही नड्डा द्वारा सदन में कहे गए कुछ शब्दों को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था। कांग्रेस ने इस मामले को तुरंत लपकते हुए इसे मुद्दा बना लिया। हालांकि बाद में नड्डा ने सफाई दी कि उनके बयान का मकसद चेयर को निशाना बनाना नहीं था।
अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहे धनखड़
जगदीप धनखड़ का कार्यकाल हमेशा से चर्चाओं में रहा है। वे अपने बेबाक बयानों और निष्पक्ष रुख के लिए जाने गए। कई बार उनके वक्तव्य विपक्षी दलों को निशाने पर लेते दिखाई दिए, जिससे राजनीतिक बहस तेज होती रही। इसके अलावा उन्होंने कुछ शैक्षणिक संस्थानों को लेकर भी बयान दिए थे, जो सार्वजनिक मंचों पर खूब चर्चा का विषय बने।
आगामी समय में बड़ा राजनीतिक बदलाव संभव
धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति पद को लेकर न सिर्फ नए चेहरे की तलाश शुरू हो चुकी है, बल्कि यह इस्तीफा आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है। अब देखना होगा कि अगला उपराष्ट्रपति कौन बनता है और सत्ता पक्ष व विपक्ष इस मौके पर कैसी रणनीति अपनाते हैं।