Garbage Everywhere after Kawar Mela in Haridwar: हरिद्वार में बुधवार को कांवड़ मेला भले ही संपन्न हो गया हो, लेकिन अब प्रशासन और नगर निगम के सामने हज़ारों टन कूड़े-कचरे की सफ़ाई एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है. कांवड़ लेने के लिए देश के कोने-कोने से आए लाखों शिव भक्त अपने पीछे शहर भर में भारी मात्रा में कचरा छोड़ गए हैं. हर की पैड़ी, मालवीय घाट समेत गंगा के तमाम घाटों और शहर के प्रमुख रास्तों पर हर तरफ कूड़ा, प्लास्टिक की थैलियाँ और अन्य गंदगी का ढेर नज़र आ रहा है.
नगर निगम और HRDA ने संभाला मोर्चा, 48 घंटे में सफाई का लक्ष्य
इस विशालकाय गंदगी को हटाने के लिए नगर निगम ने विशेष अभियान छेड़ दिया है. बुधवार शाम से ही नगर निगम की टीमें शहर भर में फैले कूड़े को साफ़ करने में जुट गई हैं. नगर आयुक्त ने बताया कि इस कार्य के लिए अतिरिक्त मैनपावर लगाई गई है और 48 घंटे के भीतर हरिद्वार के सभी प्रमुख स्थानों से कूड़ा उठा लिया जाएगा.
वहीं, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) भी शहर की सफ़ाई में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है. HRDA के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह और सचिव मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से सफ़ाई व्यवस्था का जायज़ा ले रहे हैं और इसमें सहयोग कर रहे हैं.
महा स्वच्छता अभियान की तैयारी: हरिद्वार वासियों से अपील
विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष अंशुल सिंह ने जानकारी दी कि प्राधिकरण जल्द ही नगर निगम और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर एक ‘महा स्वच्छता अभियान’ चलाएगा. उन्होंने हरिद्वार के निवासियों से भी अपील की है कि वे कूड़े को केवल डस्टबिन में ही डालें, ताकि उसका उचित निस्तारण किया जा सके. उन्होंने ज़ोर दिया कि यदि कूड़ा इधर-उधर फैला रहेगा, तो सफ़ाई की पूरी दिशा ही बदल जाएगी और प्रबंधन मुश्किल होगा.
कांवड़ियों की राय: ‘डस्टबिन का उपयोग हो तो काम आसान’
हरिद्वार आए कुछ कांवड़ियों ने भी सफ़ाई व्यवस्था पर अपनी राय रखी. उनका कहना था कि हरिद्वार में करोड़ों की संख्या में कांवड़िए आते हैं, और उनकी वजह से शहर का हर कोना कूड़े-कचरे से पट जाता है. यदि सभी कांवड़िए कूड़े को डस्टबिन में डालने की आदत डाल लें, तो न केवल प्रशासन का काम आसान हो जाएगा, बल्कि कूड़े का निस्तारण भी सही तरीके से हो पाएगा और देवभूमि की पवित्रता बनी रहेगी.