रायसेन जिले की सिलवानी तहसील में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने विकट स्थिति पैदा कर दी है। क्षेत्र में जल प्रलय जैसे हालात बन गए हैं, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। भारी जलभराव के कारण स्टेट हाइवे-44 और 15 पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सड़कें बनीं नदियां, पुल डूबे
सिलवानी-भोपाल मार्ग पर थाने के पास नदी के पुल पर पानी भर जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। वहीं, स्टेट हाइवे-44 पर सिलवानी-उदयपुरा मार्ग पर करीब 8 फीट पानी जमा होने के कारण यह मार्ग भी बंद है। जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी भयावह है। सिलवानी के वार्ड नंबर 2 में नदी किनारे बसे मकानों में लगभग 10 फीट तक पानी घुस गया है। लोग अपनी जान बचाने के लिए पक्के और कच्चे मकानों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। वार्ड नंबर-1 से बहने वाली बेगम नदी मानो सड़क में तब्दील हो गई है और कई स्थानों पर पुल तथा सड़कें पानी के तेज बहाव में बह गई हैं।
बिजली आपूर्ति ठप, जनजीवन प्रभावित
तेज बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। बिजली विभाग की डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट) में करीब 5 फीट तक पानी भर गया है और बिजली के खंभे भी डूब चुके हैं, जिसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। वार्ड नंबर 4 में खड़ी फोर-व्हीलर और मैजिक वाहन सड़कों पर पूरी तरह डूब गए हैं। जमुनियापुरा स्थित राम मंदिर सहित कई धार्मिक स्थल भी जलमग्न हो चुके हैं।
दर्जनों गांव जलमग्न, कलेक्टर ने किया स्कूलों में अवकाश घोषित
सिलवानी के आसपास के खेरी, मेड़की, साईखेड़ा, मुआर सहित दर्जनों गांव पानी में डूब चुके हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है, लेकिन अभी भी कई लोग फंसे हुए बताए जा रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जिले के सभी स्कूलों में एक दिन के अवकाश की घोषणा कर दी है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और राहत कार्यों में जुटा हुआ है।