भोपाल: मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों के लिए गुरुवार का दिन यादगार बन गया। राजधानी में आयोजित एक बड़े समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 12वीं कक्षा में टॉप करने वाले 7,832 विद्यार्थियों को स्कूटी भेंट की। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में राज्य सरकार ने मेधावी छात्रों को सीधे वाहन गिफ्ट किए।
कार्यक्रम में सबसे खास पल तब आया जब मुख्यमंत्री खुद एक बच्ची की स्कूटी पर बैठे और राइड का आनंद लिया। बच्चों और अभिभावकों के लिए यह क्षण बेहद उत्साहजनक रहा। स्कूटी मिलने के बाद विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
सीएम की अपील
मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि वे स्कूटी चलाते समय सावधानी बरतें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें, ड्राइविंग लाइसेंस अवश्य बनवाएं और अपनी गाड़ियों पर नंबर प्लेट लगवाना न भूलें। उन्होंने छात्रों को समझाया कि स्कूटी केवल एक वाहन नहीं है, बल्कि उनकी मेहनत और लगन की पहचान है।
शिक्षा व्यवस्था पर जोर
मोहन यादव ने इस मौके पर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई बातें कहीं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लगातार नई योजनाओं और निवेश के जरिए बच्चों को बेहतर सुविधाएं दे रही है।
- सेनिटेशन-हाइजीन योजना के तहत 20 लाख से ज्यादा बच्चियों को 61.12 करोड़ रुपए की राशि दी गई है।
- वहीं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना के अंतर्गत 20,000 से अधिक बच्चियों को 7 करोड़ रुपए का लाभ प्रदान किया गया।
सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें सशक्त बनाना और आत्मनिर्भर बनाना है।
कांग्रेस पर हमला
मोहन यादव ने इस दौरान कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस की गलत नीतियों ने देश के भविष्य को पीछे धकेल दिया था। लेकिन आज बदलते दौर में हमारी सरकार चाहती है कि प्रदेश का युवा सिर्फ नौकरी करने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने।”
शिक्षा मंत्री का संबोधन
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह दिन बच्चों के लिए जश्न का दिन है। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले समय में वे प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
बच्चों और अभिभावकों की खुशी
कार्यक्रम में शामिल कई अभिभावक भावुक नजर आए। एक अभिभावक ने कहा कि स्कूटी मिलने से उनके बच्चों की पढ़ाई और कॉलेज जाने की सुविधा आसान हो जाएगी। वहीं, छात्रों ने इसे अपने जीवन का “सपनों जैसा तोहफा” बताया।
इस तरह यह आयोजन न केवल पुरस्कार वितरण का था, बल्कि सरकार की ओर से युवाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।