नई दिल्ली/लंदन: भारत और अमेरिका के बीच फिर से ट्रेड डील पर बातचीत की संभावनाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत करीब हैं, लेकिन रूस से तेल खरीदने के कारण उन्हें भारत पर प्रतिबंध लगाना पड़ा।
ट्रम्प ने यह बात लंदन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर बैन लगाकर व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाने का समय आ गया है, तो उन्होंने कहा—
“मैं भारत और प्रधानमंत्री मोदी के बहुत करीब हूं। हाल ही में मैंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भी मुझे बहुत सुंदर जवाब दिया। हमारे बीच अच्छे रिश्ते हैं, लेकिन मुझे उन पर बैन लगाना पड़ा।”
यूरोप और चीन पर भी कार्रवाई
ट्रम्प ने आगे कहा कि रूस से तेल खरीदने की वजह से उन्हें यूरोपीय देशों और चीन पर भी बैन लगाना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन इस समय अमेरिका पर भारी टैरिफ लगा रहा है। ट्रम्प के मुताबिक, वह और कड़े कदम उठाने के लिए तैयार हैं, लेकिन ऐसे समय पर नहीं जब उनके सहयोगी देश रूस से तेल खरीद रहे हों।
टैरिफ विवाद के बाद पहली बातचीत
यह बातचीत अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाए जाने के 40 दिन बाद हुई। अमेरिका ने 27 अगस्त से भारत पर यह टैरिफ रूस से तेल खरीदने के चलते लगाया था। इस कदम के बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत रुक गई थी।
जर्मन अखबार FAZ की एक रिपोर्ट के अनुसार, टैरिफ विवाद को लेकर पीएम मोदी ने हाल के हफ्तों में 4 बार ट्रम्प का फोन उठाने से भी मना कर दिया था। दोनों नेताओं की आखिरी लंबी बातचीत 17 जून को करीब 35 मिनट तक हुई थी।
डील पर फिर से बातचीत की संभावना
ट्रेड डील पर अब तक 5 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन 25-29 अगस्त को प्रस्तावित छठा दौर टैरिफ विवाद के चलते टाल दिया गया था। 16 सितंबर को ट्रम्प और मोदी की फोन पर बातचीत से कुछ घंटे पहले ही दिल्ली में अमेरिकी प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच और भारत के वाणिज्य विभाग के विशेष प्रतिनिधि राजेश अग्रवाल के बीच करीब 7 घंटे लंबी मीटिंग हुई थी।
दोनों पक्षों ने इस मीटिंग को सकारात्मक बताया, जिससे उम्मीद बढ़ी है कि भारत और अमेरिका के बीच ठंडी पड़ी ट्रेड डील पर जल्द ही फिर से बातचीत शुरू हो सकती है।