AI से डरे सत्या नडेला, बोले – “माइक्रोसॉफ्ट का भविष्य खतरे में!”

वाशिंगटन: माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने कर्मचारियों के साथ टाउन हॉल मीटिंग में खुलकर स्वीकार किया कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव को लेकर गहरी चिंता है। नडेला ने कहा कि अगर कंपनी बदलते दौर के साथ खुद को ढालने में असफल रही, तो इसका भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

नडेला ने कहा—“हमारे बनाए कुछ बड़े बिजनेस शायद आगे चर्चा मे न रहें।” उन्होंने डिजिटल इक्विपमेंट कॉर्पोरेशन (DEC) का उदाहरण दिया, जो कभी दुनिया की टेक कंपनी थी, लेकिन नई टेक्नोलॉजी के परिवर्तन में पिछड़ने के कारण खत्म हो गई। उन्होंने स्वीकार किया कि यही डर उन्हें माइक्रोसॉफ्ट के भविष्य को लेकर’ भी  है।

कार्यसंस्कृति को लेकर सवाल उठे 

टाउन हॉल मीटिंग में एक कर्मचारी ने माइक्रोसॉफ्ट की कार्यसंस्कृति को लेकर सवाल उठाया। कर्मचारी ने माहौल को “ज्यादा कठोर  और समवेदना से दूर” बताया। इस पर नडेला ने भी माना कि कंपनी की संस्कृति में सुधार की आवश्यकता है और कर्मचारियों के बीच भरोसा कायम करने के लिए उन्हें और उनकी टीम को अधिक काम करना होगा।

दरअसल, माइक्रोसॉफ्ट इस समय दोहरी चुनौती से गुजर रही है। एक तरफ AI का दबदबा लगातार बढ़ रहा है, जिससे पारंपरिक बिजनेस मॉडल के अप्रासंगिक होने का खतरा है, वहीं दूसरी ओर कंपनी के भीतर कर्मचारियों की असंतुष्टि भी सामने आ रही है। हाल ही में कंपनी ने नई नीतियां लागू की हैं, जिनके तहत कर्मचारियों को हफ्ते में कम से कम तीन दिन ऑफिस आना अनिवार्य होगा। इस नियम का पालन न करने पर प्रमोशन पर रोक लग सकती है।

इसके अलावा, परफॉर्मेंस में गिरावट और बदलती कारोबारी जरूरतों के चलते माइक्रोसॉफ्ट ने हाल के महीनों में हजारों कर्मचारियों की छंटनी भी की है। इन घटनाओं ने कंपनी की आंतरिक संस्कृति और कर्मचारियों के मनोबल पर गहरा असर डाला है।

माइक्रोसॉफ्ट की सबसे बड़ी चुनौती

फरवरी 2026 से यह नई कार्यस्थल नीति पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती न सिर्फ AI की तेज़ी से बदलती दुनिया के साथ खुद को अनुकूल बनाए रखना है, बल्कि कंपनी की कार्यसंस्कृति को भी ऐसा स्वरूप देना है जिसमें कर्मचारियों का भरोसा और उत्साह बरकरार रहे।

यानी साफ है—माइक्रोसॉफ्ट के लिए आने वाला समय आसान नहीं होगा। सत्या नडेला के डर इस बात की गवाही देते हैं कि टेक की इस दिग्गज कंपनी को अब AI और कॉर्पोरेट कल्चर दोनों मोर्चों पर संतुलन बनाने के लिए बड़ी लड़ाई लड़नी होगी।