भोपाल में आयोजित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के विज्ञान मेले में स्कूली छात्रों ने कई ऐसे अद्भुत मॉडल पेश किए जो मौजूदा समस्याओं का अनोखा और इको-फ्रेंडली समाधान देते हैं। सोशल मीडिया पर गैस लीकेज के कारण हो रहे हादसों को देखते हुए, छात्रों ने एक ऐसा स्मार्ट अलर्ट सिस्टम बनाया है जो न केवल दुर्घटनाओं को रोकेगा, बल्कि घरों को पूरी तरह तबाह होने से बचाएगा।
गैस लीक पर थ्री-स्टेज एक्शन वाला स्मार्ट मॉडल
सागर पब्लिक स्कूल की कक्षा 8वीं की छात्रा ख्वाइश सिंह और कक्षा 10वीं की छात्रा वाणी ईरानी ने मिलकर एक एडवांस गैस लीक अलर्ट सिस्टम का मॉडल तैयार किया।
मॉडल की खासियतें:
- ज्वलनशील गैस डिटेक्ट: मॉडल में लगे सेंसर ज्वलनशील गैसों (जैसे एलपीजी या सीएनजी) का स्तर सुरक्षित सीमा से अधिक पाते ही सक्रिय हो जाते हैं।
- ऑटोमैटिक शटडाउन: सेंसर के एक्टिव होते ही अलार्म बजने लगता है और एक रोबोटिक आर्म तुरंत रेगुलेटर से गैस सप्लाई बंद कर देता है।
- मोबाइल नोटिफिकेशन: इसके साथ ही, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर घटना का समय, लीक्ड गैस का स्तर और मौजूदा स्थिति की जानकारी वाला मैसेज या नोटिफिकेशन आ जाता है।
- डबल सुरक्षा: कक्षा 8वीं के दिव्यांश पंजाबी ने बताया कि इसमें एग्जॉस्ट फैन भी लगाया गया है, जो पावर कट होने से पहले लीक हुई गैस को बाहर निकाल देता है, जिससे आग लगने का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है।
छात्रों ने बताया कि बाजार में अभी केवल सेंसर और अलार्म वाले सेटअप उपलब्ध हैं, जबकि उनका मॉडल सप्लाई रोककर नुकसान टालता है और मोबाइल पर जानकारी भी भेजता है।
गन्ने के कचरे से बना ‘प्राकृतिक फ्रिज’
कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल की छात्राओं कैरोल एन थॉमस और यशस्वी कुरचानिया ने एक इको-फ्रेंडली रेफ्रिजरेटर का मॉडल प्रस्तुत किया।
ईको-फ्रेंडली तकनीक: इस फ्रिज को गन्ने के रस निकलने के बाद बचे कचरे से तैयार किया गया है। यह पारंपरिक फ्रिज में उपयोग होने वाली पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली अमोनिया गैस का उपयोग नहीं करता। यशस्वी ने बताया कि गन्ने के कचरे में नमी सोखने की क्षमता होती है, इसी गुण के आधार पर यह फ्रिज अंदरूनी हिस्से को ठंडा करता है। वैज्ञानिक परीक्षण में यह साबित हुआ है कि यह प्राकृतिक फ्रिज बाहरी तापमान से अंदर का तापमान 15 से 20 डिग्री तक कम बनाए रख सकता है।
खेती के लिए ‘कीट नाशक टावर’ और उर्वरक
कार्मेल कॉन्वेंट की मान्या नायक और अनुष्का सिंह ने खेती को कीटों से बचाने के लिए एक स्मार्ट टावर मॉडल पेश किया:
सुरक्षा तंत्र: टावर में यूवी लाइट का उपयोग किया गया है, जिसके चारों ओर की जाली में हल्का करंट प्रवाहित होता है, जो केवल कीड़ों को प्रभावित करता है।
खाद निर्माण: मरने के बाद कीड़े टावर के नीचे बने छोटे पॉन्ड में गिरते हैं, जहाँ मौजूद मछलियाँ उन्हें खा लेती हैं। इसके बाद यह पानी अमोनिया से भरपूर हो जाता है, जिसका उपयोग सीधे खेतों में उर्वरक के रूप में किया जा सकता है।
इस नवाचार से पेस्टीसाइड और केमिकल फर्टिलाइजर की खपत घटने के साथ फसल की गुणवत्ता बढ़ेगी। विज्ञान मेले में इसरो के डोम में चंद्रयान और आर्यभट्ट सैटेलाइट जैसे मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे।