बेंगलुरु भगदड़: चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर 11 की मौत, RCB फ्रेंचाइजी और सरकार ने की मुआवजे की घोषणा; मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बुधवार शाम को एक बेहद दुखद घटना घटी, जब एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे में 41 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. यह घटना इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) टीम के सम्मान में आयोजित विजय परेड के दौरान हुई.

आरसीबी फ्रेंचाइजी और सरकार ने की मुआवजे की घोषणा

इस हृदय विदारक घटना पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) फ्रेंचाइजी ने गहरा दुख व्यक्त किया है. फ्रेंचाइजी ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है. वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने भी बुधवार को ही मृतकों के परिवारजनों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की थी. यह राशि पीड़ितों के परिवारों को इस मुश्किल घड़ी में कुछ सहारा प्रदान करेगी.

स्टेडियम गेट पर बेकाबू हुई भीड़, कई लोगों की मौत

आरसीबी ने हाल ही में अपने 18वें सीजन में पहली बार आईपीएल का खिताब जीतकर इतिहास रचा है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद बुधवार को टीम अहमदाबाद से बेंगलुरु पहुंची. अपनी पसंदीदा टीम की एक झलक पाने और विजय परेड देखने के लिए लाखों की तादाद में आरसीबी के प्रशंसक चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर जमा हो गए. भीड़ इतनी अधिक थी कि स्टेडियम के गेट पर वह बेकाबू हो उठी. इसी दौरान लोगों के बीच भगदड़ मच गई, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों की जानें चली गईं और बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए. यह घटना बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की चुनौती को रेखांकित करती है.

कर्नाटक सरकार की प्रतिक्रिया और जांच के आदेश

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने दुख व्यक्त किया और कहा कि सरकार घायलों को मुफ्त इलाज भी मुहैया कराएगी. उन्होंने इस त्रासदी पर गहरा खेद जताते हुए कहा कि “यह त्रासदी नहीं होनी चाहिए थी.” सरकार इस घटना को लेकर गंभीर है और मुख्यमंत्री ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस घटना का बचाव नहीं करना चाहती और इस पर कोई राजनीति नहीं करेगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि किसी को भी इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी; स्टेडियम की क्षमता केवल 35 हजार लोगों की है, लेकिन दो-तीन लाख लोग वहां पहुंच गए थे.

उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि भीड़ अनियंत्रित हो गई थी और पुलिस के लिए स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया था, जिसके कारण उन्हें जुलूस को रोकना पड़ा. शिवकुमार ने लोगों से शांत रहने और नहीं घबराने की अपील की. उन्होंने पुलिस कमिश्नर और अन्य अधिकारियों से बात की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्थिति नियंत्रण में है. इस कार्यक्रम के दौरान कुप्रबंधन के लिए आयोजकों पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए बेहतर योजना और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही है.