भोपाल में दोस्ती, प्यार, रेप और लव जिहाद के बहुचर्चित मामले में स्टेट एसआईटी (SIT) की जांच में महत्वपूर्ण मोड़ आया है. मुख्य आरोपी फरहान अली के साथ वित्तीय लेन-देन करने वाले कई व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं. नवीनतम जानकारी के अनुसार, पुलिस ने लगभग दर्जनभर ऐसे लोगों को चिह्नित किया है जो आरोपियों के साथ पैसों का लेन-देन करते थे. यह खुलासा इस मामले में फंडिंग एंगल की ओर इशारा कर रहा है.
फंडिंग एंगल पर एसआईटी की गहन जांच
स्टेट एसआईटी पिछले कई दिनों से इस मामले में फंडिंग एंगल की गहराई से जांच कर रही है. जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी फरहान अली ने कथित तौर पर छात्राओं के नाम से शेयर मार्केट में भी निवेश किया था. इस मामले में पहले ही राष्ट्रीय महिला आयोग फंडिंग की आशंका जता चुका है. फिलहाल, एसआईटी इन वित्तीय रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि इस पूरे षड्यंत्र के पीछे के असली चेहरों और स्रोतों का पता लगाया जा सके.
रेप और ब्लैकमेलिंग केस में एसआईटी को मिली अहम कड़ी
कॉलेज की छात्राओं के साथ रेप और ब्लैकमेलिंग के इस सनसनीखेज मामले की जांच कर रही एसआईटी को एक बड़ी अहम कड़ी हाथ लगी है. एसआईटी ने ऐसे कई लोगों की पहचान करने में सफलता पाई है, जो आरोपियों के साथ नियमित रूप से लेन-देन करते थे. नए खुलासे के अनुसार, मुख्य आरोपी फरहान के साथ 40 से 50 हजार रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है.
एसआईटी अब इन चिह्नित लोगों से पूछताछ की तैयारी में है. इनमें से दो लोगों के खिलाफ पुलिस पहले ही रिमांड लेकर गहन पूछताछ कर चुकी है. पिछले दो हफ्तों से, मामले की जांच में जुटी एसआईटी इसकी परतों को एक-एक करके उधेड़ रही है. मामले के पांच मुख्य आरोपियों – फरहान अली, साहिल, साद और नबील सहित पांच लोगों को पुलिस ने पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया है.
फरार छठे आरोपी की तलाश में टीम राज्य के बाहर जाएगी
पुलिस अधिकारी प्रियंका शुक्ला के अनुसार, मामले में फरार चल रहे छठे आरोपी अबरार को ढूंढने के लिए एसआईटी की टीम अब राज्य के बाहर भी जाएगी. यह मामला राजस्थान के अजमेर कांड की तर्ज पर भोपाल के कॉलेजों में हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने का बताया जा रहा है. अब तक इस मामले में 6 पीड़िताएं सामने आ चुकी हैं, जो इस गिरोह के दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का शिकार हुई हैं.
जांच के दौरान अशोका गार्डन पुलिस ने आरोपी फरहान अली के घर से एक स्कूटर भी जब्त किया है. पुलिस का कहना है कि इस स्कूटर का इस्तेमाल पीड़ित छात्राओं को लाने-ले जाने के लिए होता था. पुलिस ने फरहान खान, सैयद अली, साहिल खान, नबील और साद को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है और उनके फिंगर प्रिंट भी लिए गए हैं, जो आगे की जांच में महत्वपूर्ण साबित होंगे.
क्लब 90 पर बुलडोजर कार्रवाई पर भी उठे सवाल
हालांकि, मामले का छठा आरोपी अबरार अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस की टीमें बिहार स्थित उसके घर के अलावा बंगाल स्थित कॉलेज भी पहुंचीं, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला है. उसके खिलाफ दो थानों की ओर से 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है, लेकिन अबरार अभी भी फरार है.
इस बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की जांच के बाद भोपाल कॉलेज में रेप, ब्लैकमेल और लव जिहाद का यह मामला दिन-प्रतिदिन और बड़ा होता जा रहा है. आयोग ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं. आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा है कि क्लब 90 पर भोपाल पुलिस द्वारा की गई बुलडोजर की कार्रवाई संदेह के घेरे में आ गई है. एनएचआरसी टीम ने खुलासा किया था कि एक पीड़िता ने पूछताछ के दौरान बताया था कि कॉलेज की छात्राओं को लव जिहाद का शिकार बनाने वाले आरोपी उनकी रैगिंग लेते थे, उन्हें नशे का सेवन करवाते थे, और फिर उनके साथ दुष्कर्म करते थे.
नए खुलासे के मुताबिक, साल 2017 से ही कॉलेज की छात्राओं के साथ बदसलूकी हो रही थी, लेकिन पुलिस और कॉलेज प्रबंधन दोनों की ओर से इस मामले में घोर लापरवाही बरती गई. यह भी बड़ी बात है कि पुलिस अभी तक एक आरोपी को गिरफ्त में नहीं ले पाई है.
पुलिस ने क्लब 90 पर बुलडोजर चलाकर खूब वाहवाही लूटी, लेकिन अब इस कार्रवाई के पीछे षड्यंत्र की बू आ रही है. कथित तौर पर क्लब 90 के मालिक शारिक मछली से पुलिस ने अब तक न तो पूछताछ की है और न ही उसे जांच में शामिल किया है. आयोग ने आरोप लगाया है कि पुलिस महिला आयोग की टीम को जांच के लिए क्लब 90 लेकर गई, लेकिन बिना साक्ष्य जुटाए और फोरेंसिक टीम को बुलाए ही बुलडोजर चलवा कर सबूत मिटा दिए गए. अब आयोग इस कार्रवाई पर भी सवाल उठा रहा है, जिससे पुलिस की अपनी कार्रवाई ही कटघरे में खड़ी हो गई है.