मध्य प्रदेश में “ग्रामीण रंग, पर्यटन संग” उत्सव: ग्रामीण पर्यटन से स्वरोजगार और आर्थिक उन्नति को मिलेगा बढ़ावा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 18 जून, बुधवार को सुबह 11 बजे से “ग्रामीण रंग, पर्यटन संग” नामक एक राज्य स्तरीय उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्वरोजगार और आर्थिक उन्नति को प्रोत्साहित करना है। इस उत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी की उपस्थिति होगी। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण पर्यटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे लोगों को विशेष रूप से सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन की बढ़ती प्रासंगिकता

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव और मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला ने “ग्रामीण पर्यटन” के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, विरासत, पारंपरिक तीज-त्योहार, पर्व और स्वादिष्ट स्थानीय खान-पान का अनुभव ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे करीब से प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि आजकल पर्यटक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य की तलाश में मध्य प्रदेश के ग्रामीण परिवेश की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण पर्यटन की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

सम्मान समारोह और नई पहलें

इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और सम्मान समारोह भी आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश की रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन वेबसाइट की ई-लॉन्चिंग की जाएगी। ग्रामीण पर्यटन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को भी सम्मानित किया जाएगा, जिनमें सर्वश्रेष्ठ 6 होमस्टे (3 ग्रामीण और 3 नगरीय), 16 पर्यटन ग्रामों के सरपंच, 8 परियोजना सहयोगी संस्थाएं और 10 जिला कलेक्टर्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 14 नवीन होमस्टे का उद्घाटन किया जाएगा और 60 पर्यटन गांवों के होमस्टे मालिकों को किट वितरित की जाएगी, जो उनके संचालन में सहायता करेगी।

ग्रामीण पर्यटन परियोजना की प्रगति और भविष्य की साझेदारी

“ग्रामीण रंग, पर्यटन संग” उत्सव का मूल उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा देना है। यह परियोजना मध्य प्रदेश के 37 जिलों के कुल 100 ग्रामों में संचालित की जा रही है। अब तक, 63 ग्रामों में कार्य प्रारंभ हो चुका है, और 294 होमस्टे का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिनमें से 241 होमस्टे सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। यह आंकड़ा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम दर्शाता है।

भविष्य की रणनीतियों के तहत, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (MPTB) और दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (पतंजलि) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना, आजीविका के अवसर सृजित करना, महिलाओं और वंचित वर्गों को सशक्त बनाना तथा होमस्टे क्लस्टर और पर्यटक ग्रामों में पर्यटन अधोसंरचना में सुधार करना है।

इसके अलावा, ऊर्जा दक्ष एलईडी या सौर चालित स्ट्रीट लाइट्स की 61 पर्यटक गांवों में स्थापना के लिए एमपीटीबी और सिग्निफाई इनोवेशंस इंडिया लिमिटेड के बीच एक एमओयू होगा। प्रदेश में पर्यटन, फिल्म निर्माण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के बीच भी एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ग्रामीण होमस्टे को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सशक्त बनाने और उन्हें ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (OTA) प्लेटफॉर्म्स पर जोड़ने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और मध्य प्रदेश स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के बीच भी एक एमओयू होगा।

कला और शिल्प का प्रदर्शन

इस उत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी और संस्थाएं अपनी आर्ट एंड क्राफ्ट के उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इनमें क्लेआर्ट, माड़ना, चितेरा, बैम्बू शिल्प, हैण्डब्लॉक, गोंड पेंटिंग, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट टेक्सटाइल्स जैसे विविध उत्पाद शामिल होंगे, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। यह एक दिवसीय प्रदर्शनी आमजन के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुली रहेगी, जिससे स्थानीय कला और शिल्प को बढ़ावा मिलेगा।