देवास में लालच देकर धर्मांतरण की कोशिश: पुलिस ने चार युवक-युवतियों को धर दबोचा

देवास में पुलिस ने शुक्रवार को देवास जिले के सोनकच्छ थाना क्षेत्र के भटकुंड गाँव से धर्मांतरण की कोशिश करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें एक आरोपी अभी फरार बताया गया हैं। ये आरोपी कथित तौर पर लोगों को निःशुल्क इलाज, बेहतर शिक्षा, और 50 हजार रुपये का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे थे।  

सनातन छोड़ ईसाई धर्म को अपनाने में है कई फायदे

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने यह कार्रवाई धार्मिक अनुष्ठान की आड़ में की थी। उन्होंने ग्रामीणों तथा आर्थिक रूप से कमजोर तबकों में रहने वाले लोगों को निशाना बनाकर धर्मांतरण के लिए लुभावनी योजनाएं पेश कीं, ईसाई धर्म का गुणगान किया और सनातन के खिलाफ भड़काने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि सिर्फ ईसाई धर्म अपनाने से ही आपका भला हो पाएगा, क्योंकि आपके राम अपनी पत्नी की रक्षा नहीं कर पाए आपकी क्या ही करेंगे। आपके घर में जो दुर्गा, हनुमान आदि देवताओं की फोटो है उन्हें फेंक दो क्योंकि ये किसी की रक्षा नहीं करते वरना रोज होने वाली अनहोनी ही नहीं होती। आरोपियों ने कहा कि ईसाई धर्म अपनाने पर हम आपको मुफ्त इलाज, आपके बच्चो को अच्छी शिक्षा, और 50 हजार के रूप में आर्थिक सहायता का आश्वासन देते है।

मामला कैसे उजागर हुआ?

मामला तब प्रकाश में आया जब फरियादी सरपंच गजराज सिंह सेंधव निवासी ग्राम चौबाराजागीर ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट में कहा गया कि शुक्रवार को उनको सूचना मिली कि ग्राम भटकुंड में एक बैठक होने वाली है जिसमें बाहर से लोग आने वाले हैं। जब मेरे साथी इस बैठक में पहुँचे तो आरोपितों ने सनातन धर्म व देवी-देवताओं पर अपमानजनक टीका-टिप्पणी शुरू कर दी।सूचना मिलने पर देवास पुलिस की विशेष टीम सक्रिय हुई और छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा गया। इनके कब्जे से धर्मांतरण संबंधी पोस्टर भी बरामद हुई, जिसे जांच के दौरान सबूतों के रूप में संकलित किया गया।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 व 5 के तहत 5 आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। इनमें 5 आरोपियों जिसमें 3 युवतियोंऔर 2 युवको के खिलाफ केस दर्ज कर 4 को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें से 1 आरोपी मिथुन मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश में पुलिस अब तक लगी है।