साइबर ठगी के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लगाई गई अमिताभ बच्चन की कॉलर ट्यून इन दिनों आम लोगों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक के लिए परेशानी का कारण बन गई है। यह कॉलर ट्यून मोबाइल उपयोगकर्ताओं को ओटीपी, बैंक डिटेल्स और निजी जानकारी साझा न करने की चेतावनी देती है, लेकिन इसका तरीका अब विवादों में है।
एमरजेंसी में तुरंत बात करने में होती है परेशानी
इंदौर में पूर्व भाजपा विधायक सुदर्शन गुप्ता ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस कॉलर ट्यून के खिलाफ एक लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने कहा कि इस ट्यून की वजह से एमरजेंसी में कॉल करने में देरी होती है, कॉल कट जाती है और तुरंत बात नहीं हो पाती। लोगो को इसकी लंबाई के कारण तत्काल बात करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे गुप्ता ने कहा, “साइबर जागरूकता जरूरी है, लेकिन इसका तरीका व्यवहारिक होना चाहिए।
सिंधिया ने दिया आश्वासन
इस मुद्दे को लेकर मंत्री सिंधिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस विषय में उन्हें कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस कॉलर ट्यून को हटाने या बदलने के लिए दूरसंचार विभाग को निर्देश दिए जाएंगे। गौरतलब है कि इस कॉलर ट्यून का उद्देश्य साइबर ठगी से लोगों को बचाना है, लेकिन इसके लागू होने के तरीके पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जनहित में शुरू की गई किसी भी मुहिम का तरीका व्यवहारिक और जनसुविधाजनक होना जरूरी है।