लाडली बहनों की पुकार, मुख्यमंत्री को खून से लिखी चिट्ठी

मध्य प्रदेश की लाडली बहनों ने मुख्यमंत्री को खून से चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी शिक्षक भर्ती वर्ग 1 महिलाओं ने लिखा है। उनका कहना है कि ये उनको सीएम द्वारा दिया गया भत्ता नहीं अपनी मेहनत की कमाई चाहिए। महिलाओं की ये मांग ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में सरकार ने लाडली बहना योजना की राशि को 1250 से बढ़ा कर 1500 कर दिया है।

सहायता नहीं अधिकार चाहिए

चिट्ठी लिखने वाली महिलाएं भोपाल, दमोह और इंदौर से है। ये महिलाएं चिट्ठी के माध्यम से सरकार से मांग कर रही कि शिक्षक भर्ती वर्ग 1( 2023) के तहत बचे शेष स्वीकृत पदों पर जल्द से जल्द नियुक्ति हो। उनका कहना है कि इससे उनके सालों पुरानी मेहनत बेकार होने से बच सकती है। एक महिला ने लिखा ‘ हम लाडली बहने है, लेकिन हमें सहायता नहीं, हमारा अधिकार चाहिए।” चिट्ठी में महिला ने आगे लिखा “ शिक्षक भर्ती वर्ग–1 वेटिंग वाली आपकी लाडली बहनों का भी ख्याल रखना मोहन भैया।”

पिछले साल भी बांधी थी राखी

आपको बता दे कि पिछले साल ये महिलाएं जो उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 की वेटिंग अभ्यर्थी है ने अपने हाथों से राखी बनाई थी। लेकिन बाद में पदवृद्धि नहीं होने पर भोपाल में पैदल मार्च करके अपने बाल कटवाए थे। ऐसे में एक महिला द्वारा खून की चिट्ठी लिखना इसी दिशा में एक नया कदम है।

कई विधायक, मंत्री और सांसदों ने किया समर्थन

डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला समेत कई विधायक और संसद भी इस पद वृद्धि का समर्थन कर चुके है। देवड़ा ने इसके लिए स्कूली शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग को पत्र लेकर समर्थन जताया। वहीं वेटिंग शिक्षक संघ के प्रदेश मनोज दंडोदिया ने इसको लेकर कई बार सीएम को ज्ञापन सौंपा है लेकिन अब तक इसको लेकर कोई फैसला नहीं आ पाया है।

जाने क्या है मामला

मिली जानकारी के अनुसार शिक्षक भर्ती के तहत अब तक 8720 में से सिर्फ 5053 पदों पर ही नियुक्ति हो पाई है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि बाकी के शेष 1265 पदों पर जिनका चयन सूची में नाम है उन्हें जल्द नियुक किया जाए और प्रक्रिया पूरी की जाएं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब स्कूली शिक्षा विभाग ने 48223 पद और जनजातीय कार्य विभाग ने 10501 नए शिक्षकों के पद स्वीकार किए तो हजारों पुराने अभ्यर्थियों को क्यों नजर अंदाज किया जा रहा है ।