Shatabdi Express Attack: एक हफ्ते की चौथी घटना, भोपाल से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस पर फिर हुआ पथराव। पथरव के कारण ट्रेन के सी-4 कोच के खिड़की का कांच चूर हो गया है। ये घाटना विदिशा जिले के मंडी बामौरा स्टेशन के पास बरेठ और कल्हार के बीच हुई जहां बदमाशों ने पत्थर बरसाए।
मंगलवार को भोपाल से दिल्ली जा रही हबीबगंज-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस पर फिर से पथराव की घटना सामने आई है। बीते एक हफ्ते में ये चौथी घाटना है। ये घाटना मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के मंडी बमौरा स्टेशन के पास हुई जहां अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पत्थर बरसाए। ट्रेन में यात्री मौजुद थे पर सौभाग्य से किसी को भी चोट नहीं पहुंची, हालांकी इस घाटना में कोच सी-4 के खिड़की के कांच चकनाचूर हो गए। पथराव के बाद अंदर बैठे यात्रियों ने ट्रेन में मौजुद सुपरवाइजर को सूचना दी जिसके बाद स्टाफ ने कंट्रोल रूम और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तक सूचना पहुंचाई और मामले की जांच शुरू की।
पथराव से यात्रियों में मचा हड़कम्प
जिस समय पथराव हुआ तब यात्री ट्रेन में मौजुद थे जिन्होंने ने समय रहते ट्रेन के स्टाफ को सूचना दी। घाटना के तुरंत बाद ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सुचित किया गया। ट्रेन में मौजुद डिप्टी ट्रेन सुपरवाइजर ने सीट नंबर 40, 41, 42, 50, 51 और 52 के पास से खिड़की का कांच टूटने की आवाज आई थी। पूछताछ से पता चला कि इस हादसे में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं पहुंची है।
बदमाशों की तलाश जारी
घटना के तुरंत बाद ट्रेन कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीम ने आसपास की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरे और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है ताकि अरोपियों की पहचान हो सके। एक हफ्ते में ये चौथी घटना है, मामले की जांच रेलवे सुरक्षा बल ने शुरू कर दी है।
बीना स्टेशन पर कराई शिकायत दर्ज
इस घाटना के होते ही ट्रेन में बैठे यात्रियों ने बिना में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। अरोपियों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गौर करने वाली बात ये है कि इस हफ्ते में ये चौथी घटना है, इससे पहले शताब्दी एक्सप्रेस पर रायरू स्टेशन के पास भी हमला हुआ था।
लगातार पथराव की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही हैं। रेलवे को न सिर्फ आरोपियों को पकड़ने की दिशा में तेज़ी लानी होगी, बल्कि ऐसी घटनाओं को फिर से होने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई भी करनी होगी।