मध्यप्रदेश के कर्मचारियों के लिए अगले दो दिन बेहद अहम हैं। इनमें से एक दिन यानि कल रविवार भी है। मंत्रालय में पदस्थ प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों को जहां अपनी गोपनीय चरित्रावली मतांकन की समयसारणी निर्धारित की गई है। वहीं ट्रेजरी ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि 30 जून तक ई-केवायसी नहीं कराई तो एक जुलाई को खाते में वेतन नहीं आएगा।
मंत्रालय में पदस्थ प्रथम और द्वितीय श्रेणी के शासकीय सेवकों को अपनी गोपनीय चरित्रावली मतांकन की समयसारणी निर्धारित की गई है। इसमें सभी को अपने गोपनीय चरित्रावली के सेल्फ अस्सिमेंट करने के लिए तीस जून की समयसीमा तय की गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, उपसचिव और सभी प्रथम और द्वितीय श्रेणी के मंत्रालयीन कर्मचारियों को कहा है कि शासकीय सेवकों को अपनी 2024-25 की गोपनीय चरित्रावली मतांकन करने की समयसारणी तय की गई है उसका पालन करते हुए सभी समय पर अपने स्वमूल्यांकन करें सेल्फ असिस्मेंट प्रस्तुत कने के लिए तीस जून की समय सीमा तय है। इसके बाद प्रतिवेदक अधिकारी को गोपनीय प्रतिवेदन में 31 अगस्त तक मतांकन करना है समीक्षक अधिकारी को 30 सितंबर तक प्रतिवेदन में मतांकन करना है। स्वीकारकर्ता अधिकारी को तीस नवंबर तक गोपनीय प्रतिवेदन में मतांकन करना है। मंत्रालय के सभी विभागों के प्रमुखों से कहा गया है कि अपने अधीनस्थ मंत्रालय सेवा के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के शासकीय सेवकों को निर्देशित करे कि वे अपने स्थापना शाखा द्वारा वर्कफ्लो तैयार होंने के बाद एमपी स्पैरों डॉट जीओवी डॉट इन पर लागइन कर स्वमूल्यांकन तीस जून तक अनिवार्य रुप से प्रस्तुत करें अन्यथा समयावधि के बाद गोपनीय प्रतिवेदन प्रतिवेदक अधिकारी को यथास्थिति अग्रेषित किया जाएगा। इसी प्रकार सभी स्तरों पर निर्धारित तिथि में मतांकन नहीं किए जाने पर गोपनीय प्रतिवेदन अगले स्तर पर स्वत: अग्रेषित किया जाएगा। प्रकरण प्राप्ति तिथि से एक माह के भीतर संबंधित मतांकन से सहमत न होने की दशा में गोपनीय प्रतिवेदन में अंकित तथ्यों के संबंध में तथा श्रेणी उन्न्यन के संबंध में अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकेंगा समयावधि में अभ्यावेदन प्रस्तुत न करने की दशा में वार्षिक चरित्रावली अंतिम मान ली जाएगी प्रतिकूल अभ्युक्ति के प्रकरणों पर भी लागू होगी।
लापरवाही हुई तो अगले महीने नही मिलेगा वेतन
मध्यप्रदेश के सरकारी महकमों के उन लापरवाह कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है जो अब तक अपने समग्र ईकेवायसी का काम पूरा नहीं कर पाए है। संचालक कोष एवं लेखा ने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को अल्टीमेटम दिया है। तीस जून तक उन्होंने समग्र ईकेवायसी नहीं कराया तो एक जुलाई को उन्हें वेतन नहीं मिलेगा। मध्यप्रदेश में 6 लाख 55 हजार शासकीय अधिकारी कर्मचारी है। संचालक कोष एवं लेखा विभाग बार-बार विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह कर रहा है कि अपने आधार नंबर और समग्र आईडी को आईएफएमआईएस पोर्टल पर जाकर ईकेवायसी की प्रक्रिया पूरी कर ले ताकि उनके खातों में ही राशि जाए और किसी भी तरह की गड़बड़ियों को रोका जा सके। अभी तक इन छह लाख 55 हजार कर्मचारियों में से छह प्रतिशत से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने समग्र आईडी और आधार का ईकेवायसी कराने की प्रक्रिया पूरी नही की है। यह काम उन्हें खुद करना है। अब इसके लिए तीस जून तक की समयसीमा तय की गई है।